



जयपुर के सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में 5 से 8 फरवरी तक इंडिया स्टोनमार्ट 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। चार दिन चलने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में स्टोन, मशीनरी और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स से जुड़े कुल 539 स्टॉल लगाए जाएंगे। आयोजन में देश-विदेश के करीब 500 एग्जिबिटर्स भाग लेंगे, जिससे यह आयोजन स्टोन इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा वैश्विक मंच बनेगा।
इंडिया स्टोनमार्ट 2026 में चीन, तुर्की, ईरान, थाइलैंड और इटली सहित कई देशों के प्रदर्शक हिस्सा लेंगे। वहीं यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, ग्रीस, श्रीलंका, अफगानिस्तान, मॉरीशस, जर्मनी और रूस सहित 20 से अधिक देशों से इंटरनेशनल विजिटर्स जयपुर पहुंचेंगे। इससे राजस्थान की स्टोन इंडस्ट्री को वैश्विक बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
इस स्टोनमार्ट का उद्घाटन 5 फरवरी को किया जाएगा। आयोजन के दूसरे दिन 6 फरवरी को आर्किटेक्ट फेस्टिवल का आयोजन होगा, जिसमें स्टोन के उपयोग, आधुनिक डिजाइन और नई टेक्नोलॉजी पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस दौरान विभिन्न देशों से आए विशेषज्ञ अपने अनुभव और इनोवेशन साझा करेंगे, जिससे इंडस्ट्री को नई दिशा मिलेगी।
आयोजन में 8 देशों के अलग-अलग पवेलियन बनाए जाएंगे, जिनमें चीन और रूस के विशेष स्टॉल भी शामिल होंगे। इसके अलावा लगभग 20 अन्य देशों के स्टॉल लगाए जाएंगे। प्रदर्शनी में अक्षरधाम मंदिर से जुड़ा एक विशेष स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहेगा, जो पारंपरिक और आधुनिक शिल्पकला का बेहतरीन उदाहरण पेश करेगा।
राजस्थान उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि इंडिया स्टोनमार्ट में स्टूडेंट्स को भी मंच दिया जा रहा है। इससे उन्हें इंडस्ट्री की ग्राउंड रियलिटी, टेक्नोलॉजी और विकास की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि स्टोन इंडस्ट्री राजस्थान में बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराती है और सरकार इस सेक्टर के विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उद्योग मंत्री ने बताया कि स्टोन की गुणवत्ता रूस, चीन, इटली और भारत में लगभग समान होती है, अंतर केवल उसकी मार्केटिंग और प्रेजेंटेशन का होता है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन राजस्थान के स्टोन प्रोडक्ट्स को ग्लोबल मार्केट में पहचान दिलाने में सहायक होंगे। साथ ही युवाओं को स्वरोजगार के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण देने की सुविधा भी दी जा रही है।
आयोजन में राजस्थान की एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत चयनित स्टोन प्रोडक्ट्स के लिए एक विशेष पवेलियन भी बनाया जाएगा। इससे इन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।