



जयपुर। राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान जर्जर स्कूल भवनों के मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में हजारों स्कूल भवन जर्जर हालत में हैं, लेकिन सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि मंदिरों और मुर्गी फार्म तक में स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जूली ने आंकड़े रखते हुए कहा कि 45 हजार से अधिक स्कूलों में मरम्मत की जरूरत है, जबकि हजारों भवन बेहद जर्जर हैं।
इस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश के जितने भी जर्जर स्कूल भवन हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से जमींदोज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वार्षिक परीक्षा नजदीक होने के कारण सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। मंत्री ने कहा कि अब सभी स्कूल भवनों का पॉलिटेक्निक कॉलेज के माध्यम से थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाएगा, ताकि निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व सरकार के दौरान घटिया निर्माण हुए, जिनकी अब जांच भी कराई जाएगी।
SIR में गड़बड़ी को लेकर विधानसभा में हंगामा, 2 बजे तक कार्यवाही स्थगित
विधानसभा में शून्यकाल के दौरान SIR में गड़बड़ी का मुद्दा गूंजा। कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन गैसावत को स्पीकर ने पर्ची के जरिए SIR में गड़बड़ी का मुद्दा उठाने की अनुमति दी।
जाकिर हुसैन गैसावत जैसे ही बोलने लगे संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने आपत्ति जताते हुए कहा- यह मुद्दा यहां उठाया ही नहीं जा सकता। वोटर लिस्ट बनाने का काम चुनाव आयोग का है। इसमें राजस्थान सरकार का कोई रोल नहीं है।
इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष और ससंदीय कार्य मंत्री के बीच जमकर नोकझोंक हुई। सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। हंगामे के बीच स्पीकर ने लंच ब्रेक से 5 मिनट पहले सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
जूली बोले- SIR में फर्जी फॉर्म के बंडल देकर कौन गया, उसकी जांच हो
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि स्पीकर ने अनुमति दी है तो आप कैसे आपत्ति कर सकते हैं? हम तो केवल इतना पूछ रहे हैं कि जो भी एप्लिकेशन आई, वो कहां से आई। उसमें सजा का प्रावधान है। एसआईआर में जो फर्जी फॉर्म देकर गए, वे कौन थे, इसमें जांच करवा दीजिए।
कांग्रेस राज में घोषित रोडवेज डिपो चालू नहीं करने पर नोकझोंक
प्रश्नकाल में कांग्रेस शासन के दौरान घोषित रोडवेज डिपो शुरू नहीं होने का मामला भी उठा। कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर घोषणाओं को अटकाने का आरोप लगाया, जिस पर डिप्टी सीएम और परिवहन मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व सरकार ने बिना वित्तीय प्रावधान केवल घोषणाएं की थीं।
इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन और ओबीसी छात्रवृत्ति से जुड़े सवालों पर भी सदन का माहौल गर्माया। तीखी बहस और आपसी आरोप-प्रत्यारोप के बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव से पूरे सत्र में भारी हंगामे के आसार नजर आए।