



राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बैठक में अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर निशाना साधा। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर पलटवार किया।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सर्वदलीय बैठक का उद्देश्य बजट सत्र को सुचारू और सार्थक बनाना होता है, लेकिन मुख्यमंत्री का इसमें शामिल न होना सरकार की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र पूरे साल के लिए सरकार के विजन को दर्शाता है, ऐसे में मुख्यमंत्री की मौजूदगी जरूरी थी। जूली ने दावा किया कि विपक्ष ने बैठक में सदन के बेहतर संचालन के लिए कई सकारात्मक सुझाव दिए।
जूली ने बजट घोषणाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सदन में की गई कई घोषणाओं को बाद में “नॉट विजिबल” बताकर खारिज कर दिया जाता है। उन्होंने विधेयकों पर सार्थक चर्चा, विधायकों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों का मुद्दा उठाया। साथ ही केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में राज्यपालों की भूमिका का हवाला देते हुए कहा कि वहां लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत व्यवहार देखने को मिल रहा है। कानून-व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सरकार पर हमला बोला और कहा कि पिछले दो वर्षों से इस पर सदन में गंभीर चर्चा नहीं हुई, जबकि राज्य में हत्या, डकैती, सड़क दुर्घटनाएं, साइबर अपराध और बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं बढ़ी हैं। डिस्टर्ब एरिया एक्ट को लेकर भी उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।
पटेल का पलटवार
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री राजस्थान के हित में एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के लिए सर्वदलीय बैठक से अधिक एक अभिनेत्री के कार्यक्रम में शामिल होना अहम था, जो कांग्रेस की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। पटेल ने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा प्रदेश के सर्वांगीण विकास की है और विपक्ष लगातार इसमें बाधा डालने का प्रयास करता रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष टकराव की राजनीति करेगा तो सत्ता पक्ष भी उसी भाषा में जवाब देगा।
सदन की गरिमा पर बनी सहमति
इन सियासी आरोप-प्रत्यारोपों के बीच विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में सदन को शांतिपूर्वक चलाने और सभी सदस्यों द्वारा सम्मानजनक व गरिमापूर्ण भाषा के उपयोग पर सहमति बनी। अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि सदन में सार्थक चर्चा होनी चाहिए और सभी सदस्यों को बोलने का पूरा अवसर मिलेगा। उन्होंने सभी दलों से सकारात्मक सोच के साथ जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने की अपील की और कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सदन को देर तक भी चलाया जाएगा।