



जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) राजधानी के बीच से गुजर रही 47 किलोमीटर लंबी द्रव्यवती नदी के दोनों किनारों पर आमने-सामने बसी कॉलोनियों को सीधी कनेक्टिविटी देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। विद्याधर नगर से लेकर सीतापुरा तक घनी आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों को एक कॉलोनी से दूसरी कॉलोनी जाने के लिए अब लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इसके लिए द्रव्यवती नदी पर पुलिया (कलवर्ट) बनाने का प्लान तैयार किया जा रहा है।
जेडीसी सिद्धार्थ महाजन ने अधिकारियों के साथ द्रव्यवती नदी का निरीक्षण कर इंजीनियरिंग विंग को आवश्यक निर्देश दिए हैं। जेडीए का इंजीनियरिंग विंग 15 दिन के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसमें यह तय किया जाएगा कि किन-किन इलाकों में कलवर्ट बनाए जाने से सबसे अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। शुरुआती चरण में घनी आबादी वाले क्षेत्रों में करीब 10 कलवर्ट बनाने की योजना है, जिससे 3 से 4 किलोमीटर क्षेत्र को कवर किया जा सकेगा।
जेडीए अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में कनेक्टिविटी के अभाव में लोगों को एक कॉलोनी से दूसरी कॉलोनी जाने के लिए मुख्य सड़कों पर आकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। इससे न सिर्फ समय की बर्बादी होती है, बल्कि मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ जाता है। कलवर्ट बनने से कॉलोनियों के बीच सीधी आवाजाही संभव होगी और यातायात का दबाव भी कम होगा। जरूरत के अनुसार द्रव्यवती पर वन-वे या टू-वे कलवर्ट का निर्माण किया जाएगा।
इसके साथ ही जेडीए द्रव्यवती नदी के किनारे पड़ी खाली जमीनों के बेहतर उपयोग की भी योजना बना रहा है। नियमों के तहत इन जमीनों को बेचा नहीं जा सकता, लेकिन रेवेन्यू कलेक्शन के लिए जेडीए इनका सर्वे कराएगा। सर्वे के बाद इन क्षेत्रों को विकसित कर मैरिज गार्डन और स्पोर्ट्स एक्टिविटी जोन बनाए जाएंगे, जिनमें बैडमिंटन कोर्ट और लॉन टेनिस कोर्ट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इससे न केवल राजस्व बढ़ेगा, बल्कि आमजन को भी खेल और सामाजिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।