Saturday, 29 August 2026

ख्वाजा साहब की दरगाह के बाहर 786 तिरंगों का भव्य वितरण,देशभक्ति, अमन और भाईचारे का अनूठा संदेश


ख्वाजा साहब की दरगाह के बाहर 786 तिरंगों का भव्य वितरण,देशभक्ति, अमन और भाईचारे का अनूठा संदेश

अजमेर स्थित सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की पावन दरगाह अजमेर शरीफ के बाहर गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को परंपरागत रूप से 786 तिरंगों का भव्य वितरण किया गया। यह राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत आयोजन हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूरी गरिमा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ, जिसमें अजमेर के नागरिकों के साथ देश-विदेश से आए जायरीन बड़ी संख्या में शामिल हुए।

कार्यक्रम के संयोजक हाजी मोहम्मद महमूद खान एवं नवाब हिदायत उल्ला ने बताया कि तिरंगा वितरण का उद्देश्य आमजन में राष्ट्रीय पर्वों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, देशभक्ति की भावना को सशक्त करना और गणतंत्र दिवस को सौहार्द, शांति एवं भाईचारे के साथ मनाने का संदेश देना है। उन्होंने कहा कि ख्वाजा साहब की दरगाह हमेशा से अमन, इंसानियत और आपसी भाईचारे का केंद्र रही है और इसी भावना के अनुरूप यहां से देशप्रेम का संदेश समाज में प्रवाहित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौर और शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजकुमार जयपाल उपस्थित रहे। धर्मेंद्र राठौर ने अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि संविधान की सर्वोच्चता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है। ख्वाजा साहब की दरगाह जैसे अमन के केंद्र से तिरंगे का वितरण यह संदेश देता है कि भारत की आत्मा संविधान, समानता, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय में निहित है।

राजकुमार जयपाल ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। इस प्रकार के आयोजन युवाओं में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और संविधान के प्रति सम्मान को और मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर मदरसा दावत-उल-हक संस्था के छात्र-छात्राओं ने तिरंगा वितरण रैली निकाली और “सारे जहाँ से अच्छा” सहित देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण देशप्रेम और उत्साह से सराबोर हो गया। तिरंगा वितरण के दौरान युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों में विशेष उत्साह देखने को मिला और “वंदे मातरम्” तथा “भारत माता की जय” के नारों से माहौल गूंज उठा।

कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। अंत में आयोजकों ने अजमेरवासियों और देश-विदेश से आए जायरीन का आभार व्यक्त करते हुए तिरंगे के सम्मान, राष्ट्रीय एकता और भाईचारे को मजबूत करने की अपील की।

Previous
Next

Related Posts