Saturday, 29 August 2026

ओएमआर शीट गड़बड़ी पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गहलोत-कांग्रेस पर तीखा हमला: “2019 में खुल चुका था मामला, साढ़े चार साल तक क्यों दबाए रखा?”


ओएमआर शीट गड़बड़ी पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गहलोत-कांग्रेस पर तीखा हमला: “2019 में खुल चुका था मामला, साढ़े चार साल तक क्यों दबाए रखा?”

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) में ओएमआर शीट में गड़बड़ी कर नंबर बढ़ाने के मामले को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओएमआर शीट में फर्जीवाड़े का खुलासा वर्ष 2019 में ही हो गया था, जब उत्तर प्रदेश पुलिस और यूपी एसटीएफ ने गैंग का पर्दाफाश कर इसकी सूचना तत्कालीन राजस्थान सरकार को दे दी थी। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार ने साढ़े चार साल तक इस गंभीर मामले को दबाए रखा।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर सांगानेर स्थित कैम्प कार्यालय में नव मतदाताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि जब यूपी एसटीएफ की ओर से स्पष्ट सूचना मिल चुकी थी, तो उस समय कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री की नैतिक जिम्मेदारी थी कि वे तत्काल कदम उठाते, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दो टूक कहा कि उनकी सरकार किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर वर्तमान सरकार ने ओएमआर शीट गड़बड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया होता, तो आरोपी कभी पकड़े भी नहीं जाते। पेपर लीक और भर्ती घोटालों में अब तक 400 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और यह कार्रवाई अभी रुकी नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “हमें जहां तक जाना होगा, हम वहां तक जाएंगे। आज, कल और भविष्य में जिसने भी गड़बड़ी की है, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”

गौरतलब है कि स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने हाल ही में बड़ी कार्रवाई करते हुए ओएमआर शीट में नंबर बढ़ाने वाली गैंग का खुलासा किया है। इस मामले में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के तकनीकी प्रमुख सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने तीन भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा कर 38 अभ्यर्थियों की सरकारी नौकरी लगवाई। जांच के दौरान एसओजी ने आरोपियों के पास से करीब 60 लाख रुपये नकद और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए हैं।

इस पूरे मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाया था और पिछले दो वर्षों में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की जांच की मांग की थी। गहलोत ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि ओएमआर शीट बदलने के खुलासे ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और एसओजी की रिपोर्ट के अनुसार यह खेल 2018 से 2026 तक चला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस फर्जीवाड़े में शामिल कर्मचारी 2024 और 2025 में भी चयन बोर्ड में सक्रिय और पदस्थ थे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी सरकार युवाओं के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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