



जयपुर। राजस्थान में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश में कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू हो गया है। हिल स्टेशन माउंट आबू में शुक्रवार रात का न्यूनतम तापमान माइनस 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। शनिवार सुबह माउंट आबू में जगह-जगह बर्फ की मोटी परत जमी हुई नजर आई, जिससे पूरा इलाका शीतलहर की चपेट में रहा।
मौसम के इस तीखे बदलाव का असर मैदानी जिलों में भी साफ दिखाई दे रहा है। सीकर, बाड़मेर, जैसलमेर सहित कई जिलों में खेतों में बर्फ जमने की खबरें सामने आई हैं। प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में दिन के तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। जयपुर, दौसा, अलवर समेत कई जिलों में शनिवार सुबह से ही बर्फीली हवाएं चल रही हैं, जिससे दिन में भी ठिठुरन महसूस की जा रही है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को राज्य के 10 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। इसका सीधा असर तापमान पर पड़ा और पारा तेजी से लुढ़क गया। शेखावाटी क्षेत्र और सीमावर्ती जिलों में ठंड का असर सबसे अधिक देखा जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के कारण उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं राजस्थान में प्रवेश कर गई हैं, जिससे सर्दी और तेज हो गई है।
मौसम विभाग ने 24 और 25 जनवरी को प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान जताया है, लेकिन 26 और 27 जनवरी को एक नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने की संभावना बताई है। इसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में फिर से आंधी-बारिश हो सकती है और कुछ क्षेत्रों में घना कोहरा छाए रहने की भी आशंका है।
कड़ाके की ठंड और बर्फ जमने के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है। शुक्रवार को जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर सहित प्रदेश के करीब 15 शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, जिससे आमजन के साथ-साथ किसान भी मौसम की मार से चिंतित नजर आ रहे हैं।