



जयपुर। अभिनेता सलमान खान को राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग से बड़ी राहत मिली है। आयोग ने जिला उपभोक्ता आयोग, कोटा द्वारा 26 दिसंबर को पारित उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें सलमान खान को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए गए थे। इस आदेश के खिलाफ राजश्री पान मसाला और अभिनेता सलमान खान की ओर से राज्य उपभोक्ता आयोग में रिवीजन याचिका दायर की गई थी।
रिवीजन याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य उपभोक्ता आयोग की पीठ, जिसमें न्यायिक सदस्य निर्मल सिंह मेड़तवाल और सदस्य जय गौत्तम शामिल हैं, ने आगामी सुनवाई तक जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए। आयोग ने कहा कि मामले में आगे की सुनवाई तक सलमान खान को जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी।
उल्लेखनीय है कि कोटा जिला उपभोक्ता आयोग में दर्ज एक परिवाद में यह आदेश पारित किया गया था। जिला आयोग ने सलमान खान के वकालतनामे और उनकी ओर से प्रस्तुत जवाब पर किए गए हस्ताक्षरों की एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) जांच कराने की अनुमति दी थी। साथ ही, हस्ताक्षरों के मिलान के लिए सलमान खान को स्वयं उपस्थित होकर हस्ताक्षर के नमूने देने के निर्देश दिए गए थे।
जिला आयोग के इस आदेश को चुनौती देते हुए सलमान खान और राजश्री पान मसाला की ओर से राज्य आयोग में दलील दी गई कि व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश अनावश्यक है और कानूनन इसका कोई ठोस आधार नहीं बनता। राज्य उपभोक्ता आयोग ने प्रथम दृष्टया इन तर्कों को स्वीकार करते हुए जिला आयोग के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। अब मामले में अगली सुनवाई की तिथि पर आगे की कार्यवाही तय होगी।