



राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने के साथ ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार सुबह सीकर जिले में ओलावृष्टि होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। वहीं, राजधानी जयपुर सहित टोंक, नागौर, अलवर, दौसा समेत 10 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई है। आंधी और बारिश के साथ हुई सीजन की पहली मावठ से प्रदेश के तापमान में भी गिरावट आई है और ठंड का असर एक बार फिर महसूस किया जा रहा है।
जयपुर में शुक्रवार तड़के 5 बजे से आंधी के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई, जो सुबह 6:30 बजे तेज बारिश में बदल गई। बिजली की गड़गड़ाहट और ठंडी हवाओं के कारण राजधानी के मालवीय नगर, जगतपुरा, टोंक रोड समेत कई इलाकों में मौसम का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला। बारिश के कारण तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई, वहीं ट्रैफिक भी सामान्य दिनों की तुलना में कम नजर आया।
मौसम विभाग ने आज 14 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 11 जिलों के लिए यलो अलर्ट घोषित किया गया है। सरहदी जिलों जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर, गंगानगर और जोधपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार दोपहर बाद हल्की बारिश हुई थी। विभाग के अनुसार इस सिस्टम का असर 24 जनवरी तक बना रहेगा।
बारिश का दौर थमने के बाद 25 जनवरी से प्रदेश में घने कोहरे और शीतलहर की संभावना जताई गई है। इसके लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। कोहरे का अधिक प्रभाव जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, जयपुर, अलवर, दौसा, धौलपुर, करौली, भरतपुर और सवाई माधोपुर जिलों में रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।