Saturday, 29 August 2026

आदर्श नगर में SIR के दौरान वोट कटवाने की साजिश का आरोप, पूर्व पार्षद अकबरद्दीन ने दर्ज कराई FIR


आदर्श नगर में SIR के दौरान वोट कटवाने की साजिश का आरोप, पूर्व पार्षद अकबरद्दीन ने दर्ज कराई FIR

जयपुर। राजस्थान में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से नाम हटाने की कथित साजिश का गंभीर मामला सामने आया है। वार्ड संख्या 89 से पूर्व निर्वाचित पार्षद अकबरद्दीन ने जयपुर पूर्व के पुलिस थाना लालकोठी में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनके नाम को वोटर लिस्ट से हटाने के उद्देश्य से फर्जी और कूटरचित फॉर्म संख्या-7 भरकर झूठी घोषणा की गई।

पूर्व पार्षद अकबरद्दीन ने बताया कि उनका नाम आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 89, बूथ संख्या 107 (सांगानेरी गेट) की मतदाता सूची में क्रम संख्या 692 पर विधिवत दर्ज है। उनका EPIC नंबर MCM 3202645 है। उन्होंने SIR प्रक्रिया के तहत बीएलओ द्वारा उपलब्ध कराए गए परिगणना प्रपत्र को नियमानुसार भरकर पहले ही जमा करवा दिया था। इसके बावजूद उनके नाम को हटाने की कोशिश की गई, जो सीधे तौर पर उनके संवैधानिक मताधिकार पर हमला है।

अकबरद्दीन के अनुसार 15 जनवरी को जब वे वार्डवासियों के साथ बूथ पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि सभी बीएलओ महात्मा गांधी स्कूल, गोल चक्कर आदर्श नगर में बैठक में हैं। वहां बीएलओ पुष्पा ने जानकारी दी कि अशोक नामक व्यक्ति ने उनके नाम, मकान नंबर और EPIC नंबर का उल्लेख करते हुए फॉर्म-7 जमा कराया है। इस फॉर्म में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत यह झूठी घोषणा की गई कि अकबरद्दीन इस पते से अनुपस्थित या स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं।

पूर्व पार्षद ने स्पष्ट किया कि वे जन्म से ही उसी पते पर अपने परिवार सहित निवास कर रहे हैं। मकान संख्या 188 उनके पिता द्वारा करीब 50 वर्ष पहले खरीदा गया था और वर्षों तक वहीं उनका पार्षद कार्यालय भी संचालित रहा, जहां रोजाना बड़ी संख्या में वार्डवासी आते-जाते रहे हैं। इसके बावजूद जानबूझकर उन्हें मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया गया।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि फॉर्म-7 भरने वाला अशोक, भाजपा के बूथ लेवल एजेंट (BLA) सुनील का भाई है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा और बूथ संख्या 107 पर दर्जनों फर्जी और कूटरचित फॉर्म-7 जमा कराए गए। पूर्व पार्षद का कहना है कि आरोपियों ने जानबूझकर बीएलओ को मिथ्या सूचना और झूठे साक्ष्य दिए, जो गंभीर आपराधिक कृत्य है।

अकबरद्दीन ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह मामला लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 212, 216, 227, 229, 318(3) और 61 के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए और मतदाता सूची से नाम हटाने जैसी लोकतंत्र विरोधी साजिश पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

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