Wednesday, 11 March 2026

अश्लील वीडियो कांड: कर्नाटक के DGP (सिविल राइट्स एनफोर्समेंट) के. रामचंद्र राव सस्पेंड, सरकार ने कहा– जांच पूरी होने तक कार्रवाई जरूरी


अश्लील वीडियो कांड: कर्नाटक के DGP (सिविल राइट्स एनफोर्समेंट) के. रामचंद्र राव सस्पेंड, सरकार ने कहा– जांच पूरी होने तक कार्रवाई जरूरी

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बेंगलुरु। कर्नाटक पुलिस के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (सिविल राइट्स एनफोर्समेंट) डॉ. के. रामचंद्र राव को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई सोमवार (19 जनवरी) को सामने आए एक कथित अश्लील वीडियो के वायरल होने के बाद की गई है, जिसमें राव कई महिलाओं के साथ आपत्तिजनक हालत में नजर आ रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद राज्य सरकार और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि अधिकारी दोषी पाए जाते हैं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक समीक्षा के बाद सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची कि जांच लंबित रहने तक राव को पद पर बनाए रखना उचित नहीं है।

राज्य सरकार के आदेश के अनुसार, सस्पेंशन अवधि के दौरान डॉ. के. रामचंद्र राव राज्य सरकार की लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से इस तरह के आचरण की अपेक्षा नहीं की जा सकती और यह सरकारी सेवा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है, जिससे सरकार और पुलिस विभाग दोनों की छवि को गंभीर क्षति पहुंची है। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

वीडियो वायरल होने के बाद राव गृह मंत्री जी. परमेश्वर से मिलने उनके आवास पहुंचे थे, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद मीडिया से बातचीत में राव ने वीडियो को झूठा और मॉर्फ्ड बताया था। उन्होंने कहा था कि वे खुद भी समझने की कोशिश कर रहे हैं कि यह वीडियो कैसे और कब बनाया गया। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो संभवतः आठ साल पुराना हो सकता है, जब वे बेलगावी में तैनात थे। राव ने दावा किया कि इस पूरे मामले में गलत जानकारी फैलाई जा रही है और वे कानूनी सलाह लेकर आगे की कार्रवाई करेंगे। हालांकि, सरकार ने उनके इन बयानों के बावजूद सख्त कदम उठाया है।

इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। वरिष्ठ भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री एस. सुरेश कुमार ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि यह ऐसा अपराध है जिसे माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा वर्दी में और कार्यालय के भीतर इस तरह का आचरण पूरे पुलिस विभाग की साख पर दाग लगाता है और जनता का भरोसा कमजोर करता है। कर्नाटक की मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर ने भी कहा कि यदि किसी ने गलत किया है तो सरकार कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी।

उल्लेखनीय है कि डॉ. के. रामचंद्र राव कन्नड़ फिल्म अभिनेत्री हर्षवर्धिनी रान्या उर्फ रान्या राव के सौतेले पिता हैं, जो फिलहाल सोना तस्करी के मामले में बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद हैं। इससे पहले भी राव पर अपनी सौतेली बेटी की मदद करने के आरोप लग चुके हैं। जब तस्करी का मामला सामने आया था, तब वे कर्नाटक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के प्रमुख थे और बाद में उन्हें अवकाश पर भेजा गया था। हालांकि बाद में सरकार ने वह आदेश रद्द कर उन्हें DGP (सिविल राइट्स एनफोर्समेंट) नियुक्त किया था। अब एक बार फिर विवादों में घिरे राव का निलंबन राज्य की प्रशासनिक और नैतिक सख्ती का संकेत माना जा रहा है।

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