Saturday, 29 August 2026

बजट सत्र से पहले भजनलाल सरकार की कैबिनेट बैठक बुधवार को, कई विधेयकों और अध्यादेशों पर लग सकती है मुहर


बजट सत्र से पहले भजनलाल सरकार की कैबिनेट बैठक बुधवार को, कई विधेयकों और अध्यादेशों पर लग सकती है मुहर

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार दोपहर राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। बजट सत्र से ठीक पहले होने जा रही इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। कैबिनेट बैठक में आगामी विधानसभा सत्र के एजेंडे को अंतिम रूप देने के साथ-साथ राज्यपाल के अभिभाषण और विभिन्न विधेयकों एवं अध्यादेशों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दिए जाने के बाद उन्हें राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में पेश किया जाएगा।

राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र 28 जनवरी से प्रारंभ होने जा रहा है। सत्र के पहले ही दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जिसमें सरकार अपनी नीतियों, प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं का खाका प्रस्तुत करेगी। राज्यपाल के अभिभाषण पर विधानसभा में तीन दिन तक चर्चा होगी, जबकि पांचवें दिन सरकार की ओर से अभिभाषण पर औपचारिक जवाब दिया जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट बैठक में अभिभाषण के बिंदुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।

कैबिनेट बैठक में जिन प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना है, उनमें राजस्थान जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अध्यादेश-2025, राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (संशोधन) अध्यादेश-2025, पंचायती राज अधिनियम तथा नगरपालिका अधिनियम से जुड़े संशोधन शामिल हैं। इन विधायी प्रस्तावों को कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद बजट सत्र के दौरान सदन में पेश किया जाएगा, जहां इन पर चर्चा और पारित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में 30 दिसंबर को कैबिनेट बैठक हुई थी, जिसमें कई अहम और दूरगामी फैसले लिए गए थे। उस बैठक में राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025, राजस्थान राजस्व लेखा सेवा नियम-2025, नई गाड़ियों की खरीद पर टैक्स में छूट, राजस्थान AI एवं ML पॉलिसी, तथा विधानसभा में अतिरिक्त मार्शलों की नियुक्ति जैसे महत्वपूर्ण निर्णय किए गए थे।

आज होने वाली कैबिनेट बैठक से यह संकेत मिल रहा है कि भजनलाल सरकार बजट सत्र से पहले विधायी और प्रशासनिक स्तर पर पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ना चाहती है, ताकि सत्र के दौरान सरकार की नीतियों और सुधारात्मक कदमों को प्रभावी ढंग से सदन में रखा जा सके।

Previous
Next

Related Posts