Saturday, 29 August 2026

एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों से बदल रही जनजाति अंचलों की तस्वीर, नौनिहालों के सपनों को मिल रहे नए पंख


एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों से बदल रही जनजाति अंचलों की तस्वीर, नौनिहालों के सपनों को मिल रहे नए पंख

उदयपुर/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश के सुदूर जनजाति अंचलों में शिक्षा की एक नई इबारत लिखी जा रही है। एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (ईएमआरएस) आज शिक्षा, समरसता और सामाजिक सुरक्षा के मजबूत स्तंभ बनकर उभरे हैं। डबल इंजन सरकार के इस महत्त्वपूर्ण शैक्षिक प्रयास से किसानों और मजदूरों के बच्चे आज डॉक्टर, इंजीनियर और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। राज्य के 31 ईएमआरएस विद्यालयों में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राएं नीट, आईआईटी-जेईई जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर लैब और आधुनिक स्किल्स में दक्षता हासिल कर रहे हैं।

वर्तमान में इन विद्यालयों में 11,619 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 6,710 बालक और 4,909 बालिकाएं शामिल हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की गारंटी का असर यह है कि सत्र 2025-26 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ईएमआरएस में विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन, पाठ्यपुस्तकें, पौष्टिक आहार और दैनिक उपयोग की सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। सीबीएसई से संबद्ध इन विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक विज्ञान और कला संकाय संचालित हैं।

इन विद्यालयों में शिक्षा के साथ खेल-कूद और सह-शैक्षिक गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य और राष्ट्रीय स्तर की खेल व सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में ईएमआरएस के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। वहीं, आईआईटी-जेईई और नीट की तैयारी के लिए विशेष ऑनलाइन कक्षाएं और दक्षणा कार्यक्रम के तहत चयनित विद्यार्थियों को विशेष कोचिंग दी जा रही है।

ईएमआरएस से निकले कई विद्यार्थी आज सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कर रहे हैं। सवाईमाधोपुर की राजकुमारी मीना, जयपुर के अनिकेश मीना और मोहनलाल मीना जैसे उदाहरण इस बात का प्रमाण हैं कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर जनजाति अंचलों के बच्चे भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। ये सफलताएं केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल जनजाति समाज के लिए सुनहरे भविष्य की नई गाथा लिख रहे हैं और राजस्थान को शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहे हैं।

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