



बालोतरा जिले में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। रिफाइनरी के सह-उत्पादों पर आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए एक नया रीको औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिसे राजस्थान पेट्रो जोन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इस परियोजना से प्रदेश में निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक गतिविधियों को उल्लेखनीय गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
रीको इकाई प्रभारी कुलदीप दाधीच ने बताया कि रीको प्रबंधन द्वारा रिफाइनरी सह-उत्पाद आधारित उद्योगों की स्थापना के उद्देश्य से बालोतरा जिले के ग्राम सिधियों की ढाणी, वेदरलाई, बोरावास और खेमाबाबा नगर में स्थित कुल 330.77 हेक्टेयर राजकीय भूमि को चिन्हित किया गया। भूमि आवंटन का प्रस्ताव जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार को भेजा गया था, जिस पर सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की गई।
राज्य सरकार की स्वीकृति के पश्चात जिला प्रशासन ने संबंधित ग्रामों की कुल 330.77 हेक्टेयर भूमि का मांगपत्र रीको को प्रेषित किया। रीको द्वारा निर्धारित राशि जमा करवाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने भूमि का आवंटन पत्र रीको के पक्ष में जारी कर दिया। इसके उपरांत रीको बालोतरा इकाई ने राजस्व विभाग से भूमि का विधिवत कब्जा प्राप्त कर सर्वे कार्य भी पूर्ण कर लिया है।
कुलदीप दाधीच ने आगे बताया कि प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र की बाहरी सीमा को स्पष्ट रूप से चिन्हित करने के लिए बाउंड्री पीलर (सीमांकन स्तंभ) निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए लगभग 638 लाख रुपये (6.38 करोड़ रुपये) की तकनीकी स्वीकृति जारी की जा चुकी है। शीघ्र ही निविदाएं आमंत्रित कर भौतिक विकास कार्यों को गति दी जाएगी, जिससे औद्योगिक क्षेत्र का बुनियादी ढांचा तैयार किया जा सके।
प्रस्तावित राजस्थान पेट्रो जोन के विकसित होने से बालोतरा और आसपास के क्षेत्रों में पेट्रो-केमिकल आधारित उद्योगों, सहायक इकाइयों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि बालोतरा को प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी।