



भाजपा ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि ममता बनर्जी कथित तौर पर ₹10 हजार में बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को नागरिकता दिला रही हैं और इसके लिए भारत के करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पात्रा ने आरोप लगाया कि इसी वजह से ममता बनर्जी I-PAC दफ्तर पर ED की छापेमारी से घबरा गईं और वहां से फाइलें छीनकर ले गईं।
संबित पात्रा ने कहा कि वे ममता बनर्जी को चेतावनी देना चाहते हैं कि बंगाल को बांटकर चुनाव नहीं जीता जा सकता। उन्होंने मुर्शीदाबाद में हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां NH-12 को ब्लॉक किया गया और रेल यातायात रोका गया। पात्रा ने सवाल उठाया कि क्या यह भारत का हिस्सा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब ट्रेनें जलाई जा रही हैं, तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसे अल्पसंख्यकों का गुस्सा बताकर सही ठहरा रही हैं, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।
भाजपा प्रवक्ता ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया का भी जिक्र किया और कहा कि यह प्रक्रिया कई राज्यों में चल रही है और संसद में इस पर चर्चा हो चुकी है। इसके बावजूद पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी असंवैधानिक और हिंसक तरीकों से SIR को रोकने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि BLOs (बूथ लेवल ऑफिसर्स) पर दबाव डाला जा रहा है। पात्रा ने कहा कि BLO अशोक दास ने TMC की कथित धमकियों के बाद आत्महत्या कर ली, और उनकी पत्नी ने इस मामले में TMC के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।
पात्रा ने कहा कि जो बंगाल कभी ‘सोनार बांग्ला’ के नाम से जाना जाता था, वह अब ‘रक्त-रंजित बांग्ला’ बन चुका है। TMC नेता मोनिरुल इस्लाम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह मामला राम-रहीम का नहीं, बल्कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों का है। उन्होंने दोहराया कि ममता बनर्जी को भारत की ओर से स्पष्ट चेतावनी है कि वे बंगाल को बांटकर चुनाव नहीं जीत सकतीं।
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि BSF ने कई बार पत्र लिखे और बैठकें कीं, लेकिन बंगाल सरकार ने सहयोग नहीं किया। भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जमीन नहीं दी जा रही है। पात्रा ने आरोप लगाया कि इन सबके पीछे मंशा बंगाल को तोड़कर उसे बांग्लादेश का हिस्सा बनाने की है।