



जयपुर। राजस्थान प्रशासनिक सेवा को वर्ष 2026 में प्रदेश को कुल 28 नए आईएएस अधिकारी मिलेंगे, जिससे लंबे समय से चली आ रही अफसरों की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकेगा। वर्तमान में राजस्थान का आईएएस कैडर 332 अधिकारियों का है, लेकिन इनमें से केवल 278 अधिकारी ही कार्यरत हैं। नए अधिकारियों के शामिल होने से यह संख्या लगभग 300 तक पहुंच जाएगी, हालांकि इसी वर्ष 15 आईएएस अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने से यह आंकड़ा आंशिक रूप से घटता-बढ़ता रहेगा।
कार्मिक विभाग के अनुसार, वर्ष 2025 में राज्य सेवा (आरएएस) से प्रमोट होकर आईएएस बने 15 अधिकारियों का रिटायरमेंट हुआ था। इसके चलते इस साल 15 आरएएस अधिकारियों को प्रमोशन का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, तीन ऐसे अधिकारी भी हैं जिनका प्रमोशन वर्ष 2024 की रिक्तियों के विरुद्ध पिछले साल नहीं हो सका था। उनकी प्रक्रिया अब आगे बढ़ेगी। इस प्रकार, कुल 18 आईएएस अधिकारी राज्य सेवा से प्रमोशन के जरिए राजस्थान को मिल सकते हैं।
प्रदेश को इसी महीने अन्य सेवाओं से प्रमोट होकर 4 आईएएस अधिकारी मिलने की भी संभावना है। वर्ष 2024 की रिक्तियों के विरुद्ध इन अधिकारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। अन्य सेवाओं के 20 अधिकारियों के इंटरव्यू हो चुके हैं और यूपीएससी प्रक्रिया के बाद मुख्यमंत्री स्तर से अनुमोदन भी मिल गया है। अब केवल केंद्रीय कार्मिक विभाग के नोटिफिकेशन का इंतजार है, जो जल्द जारी हो सकता है।
केंद्र सरकार द्वारा सिविल सर्विस एग्जाम-2024 के तहत चयनित 180 अभ्यर्थियों को आईएएस कैडर में शामिल किया जाएगा। इसके अंतर्गत राज्यों का कोटा तय कर दिया गया है। राजस्थान को कुल 6 आईएएस अधिकारी मिलेंगे, जिनमें
2 राजस्थान मूल के अधिकारी (एक ओबीसी और एक एसटी वर्ग से),4 अन्य राज्यों से (तीन ओबीसी और एक सामान्य वर्ग से) होंगे।
इस बीच केंद्र सरकार ने राजस्थान में जनगणना संचालन निदेशक एवं नागरिक पंजीकरण निदेशक पद पर कार्यरत आईएएस अधिकारी बिष्णु चरण मलिक के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति कार्यकाल में भी विस्तार कर दिया है। केंद्रीय कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार उनका कार्यकाल 31 मार्च तक तीन महीने या अगले आदेश तक बढ़ाया है।
कुल मिलाकर, इस साल नए आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति और प्रमोशन से राजस्थान के प्रशासनिक तंत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे विकास योजनाओं और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।