



लंदन/नई दिल्ली। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्टील कंपनी आर्सेलर मित्तल के मालिक और एग्जीक्यूटिव चेयरमैन लक्ष्मी मित्तल के पिता मोहनलाल मित्तल का 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने 15 जनवरी की शाम लंदन में अपने परिवार के बीच अंतिम सांस ली। वे कुछ ही महीनों में 100 वर्ष के होने वाले थे। उनके निधन से उद्योग जगत और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोहनलाल मित्तल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मोहनलाल मित्तल ने उद्योग जगत में विशिष्ट पहचान बनाई और भारतीय संस्कृति व मूल्यों के प्रति उनका गहरा जुड़ाव रहा। उन्होंने समाज की प्रगति के लिए अनेक परोपकारी कार्य किए। पीएम मोदी ने इस दुखद घड़ी में मित्तल परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
आर्सेलर मित्तल के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन लक्ष्मी मित्तल ने पिता के निधन की पुष्टि करते हुए कहा कि उनके पिता एक असाधारण व्यक्तित्व थे। उन्होंने बताया कि उनके पिता की मेहनत, अनुशासन और मजबूत धार्मिक आस्था जीवनभर उनकी पहचान रही। लक्ष्मी मित्तल ने कहा कि उनके पिता का जन्म राजस्थान के छोटे से गांव राजगढ़ में एक साधारण परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपने संकल्प और परिश्रम के बल पर जीवन में ऊंचाइयों को छुआ।
उन्होंने बताया कि मोहनलाल मित्तल को बचपन से ही पढ़ाई में रुचि थी, विशेषकर कॉमर्स विषय में। वे हमेशा मानते थे कि कड़ी मेहनत ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उनके जीवन मूल्य और संघर्ष की भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
मोहनलाल मित्तल के निधन को न केवल मित्तल परिवार बल्कि भारतीय उद्योग और समाज के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।