



जयपुर। किन्नर अखाड़ा से जुड़े विवाद के बीच महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने किन्नर समुदाय के भीतर व्याप्त गंभीर समस्याओं को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने किन्नर समुदाय में शोषण, जबरन वसूली और कथित धर्मांतरण के मामलों पर तीखे आरोप लगाए हैं। हिमांगी सखी ने समाज से अपील की कि जो लोग किन्नर के नाम पर जबरन पैसे वसूलते हैं, उन्हें बधाई देना और पैसा देना बंद किया जाए।
महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने कहा कि कई वर्षों से किन्नर बच्चों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरुष के रूप में जन्म लेने वाले बच्चों का जबरन ऑपरेशन कर उन्हें किन्नर बनाया जाता है। इस तरह की घटनाएं दिल्ली सहित देश के अन्य हिस्सों में भी सामने आई हैं। उन्होंने इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया।
हिमांगी सखी ने बताया कि वे तथाकथित जिहाद और धर्मांतरण के खिलाफ हर शहर और हर राज्य में आंदोलन करेंगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को वे महाकुंभ में भी उठा चुकी हैं। उनके अनुसार, पद और प्रतिष्ठा की लालसा में कुछ लोगों ने आचार्य महामंडलेश्वर जैसे पदों को भी बदनाम किया है। इन सवालों को उठाने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां तक मिली हैं।
उन्होंने अभिनेत्री ममता कुलकर्णी का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्हें रातों-रात महामंडलेश्वर बनाए जाने का मामला सामने आया था, तब भी उन्होंने इसका विरोध किया था। हिमांगी सखी ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि सनातन धर्म की आड़ में इस तरह की गतिविधियां चल रही हैं। कुछ लोग हिंदू समाज से लाभ उठाते हैं, लेकिन दूसरी विचारधाराओं का समर्थन करते हैं, जिससे समाज में भ्रम की स्थिति बन रही है।
हिमांगी सखी ने जयपुर और मुंबई के ट्रैफिक चौराहों और सिग्नलों पर हो रही गतिविधियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पुरुष और महिलाएं किन्नर का भेष बनाकर सिग्नलों पर खड़े होकर लोगों से पैसा मांगते हैं और उन्हें परेशान करते हैं। ऐसे कुछ मामलों में लोगों को रंगे हाथों पकड़ा भी गया है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अब परिवर्तन का समय आ गया है। यदि समय रहते इन गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन और समाज दोनों से इस दिशा में सख्त कदम उठाने की मांग की।