Saturday, 29 August 2026

बजट पूर्व संवाद: कर्मचारी जनकल्याण में कार्मिकों की भूमिका अहम : भजनलाल शर्मा


बजट पूर्व संवाद: कर्मचारी जनकल्याण में कार्मिकों की भूमिका अहम : भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों की निष्ठा, समर्पण और सेवाओं के माध्यम से ही राज्य सरकार जनकल्याणकारी नीतियों और कार्यक्रमों के लक्ष्यों को प्रभावी रूप से पूरा कर पाती है। महिला, युवा, मजदूर और किसान के कल्याण का मार्ग कार्मिकों के सतत योगदान से ही प्रशस्त होता है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार कार्मिकों के कल्याण, उनके हितों की रक्षा और कार्य परिस्थितियों में निरंतर सुधार के लिए सदैव तत्पर है।

मुख्यमंत्री सोमवार को जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कार्मिक राज्य प्रशासन की आधारशिला हैं और कर्मचारी संगठन इस आधार को मजबूत करते हैं। सरकार इन संगठनों के माध्यम से प्राप्त कर्मचारियों की आशाओं, अपेक्षाओं और सुझावों को यथासंभव आगामी बजट में स्थान देने का प्रयास करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि विभागीय समितियों के माध्यम से कर्मचारी संघों की प्रशासनिक मांगों पर नियमित चर्चा कर समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए कार्मिक विभाग में कर्मचारी कल्याण अनुभाग का गठन किया गया है तथा नियमों व पदोन्नति से जुड़ी समस्याओं पर समय-समय पर आवश्यक निर्णय लेकर राहत दी जा रही है।

लगभग 1 लाख पदों पर भर्ती का कैलेंडर जारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारी कल्याण की दिशा में कई अहम निर्णय किए हैं। पांच वर्षों में 4 लाख सरकारी भर्तियों के संकल्प को पूरा करने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं को तेज किया गया है। पिछले दो वर्षों में एक लाख से अधिक युवाओं को नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 52,453 तथा वाहन चालकों के 2,756 पदों पर भर्ती परीक्षाएं आयोजित कराई गईं। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर लगभग 1 लाख से अधिक पदों पर भर्तियों का कैलेंडर भी जारी किया गया है।

सकारात्मक निर्णयों से व्यापक राहत

मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्मचारी संगठनों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर व्यापक राहत प्रदान की गई है। प्रतीक्षा सूची की वैधता अवधि 6 माह से बढ़ाकर 1 वर्ष की गई है। मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों के लिए अनुकंपा नियुक्ति आवेदन की समय-सीमा 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन की गई है। 31 दिसंबर 2022 से पहले अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले, जो निर्धारित अवधि में टंकण परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सके थे, उन्हें दो अतिरिक्त अवसर दिए गए हैं।
इसके साथ ही पदोन्नति के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित अनुभव में 2 वर्ष की छूट दी गई है। आरजीएचएस के अंतर्गत मेडिकल लाभ के लिए महिला एवं पुरुष कार्मिकों को अपने माता-पिता अथवा सास-ससुर में से किसी एक का विकल्प चुनने का अधिकार भी प्रदान किया गया है।

बजट पूर्व संवाद में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत), अखिल राजस्थान राज्य आयुष नर्सेज महासंघ, राजस्थान निजी सहायक संवर्ग महासंघ, राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ, राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ, राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ, राजस्थान सचिवालय निजी सचिव एवं निजी सहायक संघ, राजस्थान सचिवालय सहायक कर्मचारी संघ, राजस्थान सचिवालय अधिकारी सेवा संघ, राजस्थान आंगनबाड़ी कर्मचारी महासंघ, राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय, भारतीय मजदूर संघ, अखिल राजस्थान दिव्यांग कर्मचारी महासंघ, राजस्थान पटवार संघ सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिए और विकसित राजस्थान के लक्ष्य की प्राप्ति में निष्ठा व समर्पण से कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्मिक कल्याण के निर्णयों की सराहना

कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने सरकारी भर्तियों के सतत क्रियान्वयन और कर्मचारियों के हित में लिए जा रहे निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बजट पूर्व संवाद कर्मचारियों को प्रोत्साहित करता है और उनमें नई ऊर्जा का संचार करता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, शासन सचिव कार्मिक अर्चना सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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