



जयपुर में सोमवार को बड़ी संख्या में सरकारी और संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारी अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासभा के बैनर तले अल्बर्ट हॉल पर एकत्रित हुए और वहां से रैली के रूप में सिविल लाइंस फाटक की ओर कूच किया। नाचते-गाते और नारेबाजी करते हुए कर्मचारी आगे बढ़े, जिससे पूरे इलाके में माहौल गर्मा गया।
रैली के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। रामबाग सर्किल से अजमेरी गेट तक और स्टैचू सर्किल से राजमंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर लंबा जाम लग गया। आम लोगों को भीषण ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों की भारी भीड़ के कारण स्थिति काफी देर तक प्रभावित रही।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने पदोन्नति में पारदर्शिता, पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल रखने, संविदा और ठेका कर्मियों को नियमित करने, स्पष्ट ट्रांसफर नीति लागू करने और सरकारी विभागों में निजीकरण रोकने जैसी प्रमुख मांगें उठाईं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से इन मुद्दों पर सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा ने कहा कि पिछले दो वर्षों से सरकार और कर्मचारियों के बीच संवाद पूरी तरह से ठप है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट घोषणाओं के लिए सरकार हर वर्ग से सुझाव ले रही है, लेकिन कर्मचारियों को अपनी बात रखने के लिए मात्र 40 सेकंड का समय दिया गया, जो अपमानजनक है।
महावीर शर्मा ने बताया कि OPS में किसी भी तरह की छेड़छाड़ समाप्त करने, पदोन्नति में अनियमितताओं को खत्म करने, संविदा व ठेका कर्मियों को नियुक्ति दिलाने और ट्रांसफर नीति लागू करने सहित सात सूत्री मांगों को लेकर यह कूच किया गया है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े संगठन के बावजूद सरकार ने अब तक किसी भी स्तर पर गंभीर बातचीत नहीं की है।