



जयपुर। जयपुर शहर भाजपा जिला अध्यक्ष अमित गोयल ने गुरुवार देर रात शहर की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी। जारी आदेश के अनुसार कुल 38 नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिनमें 10 महिलाएं शामिल हैं। इसके बाद शुक्रवार को एक और पदाधिकारी के नाम की घोषणा की गई। कार्यकारिणी के ऐलान के साथ ही शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि इसमें शामिल 31 नाम वही हैं, जो करीब पांच महीने पहले सिफारिशों के आधार पर वायरल हुई विवादित सूची में भी सामने आए थे।
नई कार्यकारिणी में 7 उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री, 7 मंत्री, एक कार्यालय मंत्री और 2 सह कार्यालय मंत्री बनाए गए हैं। इसके अलावा शहरी राजनीति में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने और मीडिया मैनेजमेंट को सशक्त करने के उद्देश्य से 7 प्रवक्ताओं की भी नियुक्ति की गई है। संगठनात्मक दृष्टि से यह टीम मजबूत दिखाई देती है, लेकिन नामों के चयन को लेकर पार्टी के भीतर ही सवाल उठने लगे हैं।
लंबे इंतजार, अंदरूनी खींचतान और लगातार चल रही सिफारिशों के बाद घोषित इस कार्यकारिणी में स्थानीय विधायकों, सांसदों और प्रभावशाली नेताओं के करीबी चेहरों को खास तरजीह दी गई है। वहीं, कुछ ऐसे नाम भी शामिल किए गए हैं, जिनका संगठनात्मक और जमीनी योगदान सीमित माना जा रहा है। यही वजह है कि सूची सामने आने के बाद पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं के एक वर्ग में नाराजगी और असंतोष की चर्चा शुरू हो गई है।
इस कार्यकारिणी में महिला प्रतिनिधित्व पर भी विशेष ध्यान दिया गया है और 10 महिलाओं को विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के नाम से अलग प्रकोष्ठ का गठन किया गया है, जिसे संगठन को केंद्र सरकार के एजेंडे से जोड़ने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
जयपुर शहर भाजपा की नई कार्यकारिणी में उन 31 चेहरों को दोबारा मौका दिया गया है, जो 1 अगस्त 2025 को जारी हुई विवादित और बाद में हटाई गई कार्यकारिणी सूची का हिस्सा थे। इनमें ब्रह्मा कुमार सैनी, राजेश तांबी, अजय यादव, शैलेंद्र शर्मा, सुरेंद्र पुरुवंशी, सुरेश गुर्जर, नवरत्न नराणिया, रेखा राठौड़, हिरेन मिश्रा, कृष्ण मुरारी पारीक, जीआर मीणा, अंजना सेन, निर्मल शर्मा, दुर्गा कटारिया, प्रिया ज्ञानानी, रश्मि सैनी, नीलू शर्मा (जांगिड़), क्षमा अग्रवाल, मनदीप सिंह हुडील, महेंद्र यादव, निर्मल सैनी, विजय शर्मा, युवराज सिंह, राजेश गौतम, जूही केडिया, मनीष शर्मा, राज सिंह राठौड़, भारती खंडेलवाल, प्रेम जैन, भवानी शर्मा और विजय शर्मा (काका) शामिल हैं। इनमें से कुछ नेताओं के पदों में फेरबदल भी किया गया है।
वायरल सूची में शामिल अनुभव शर्मा, महेंद्र सिंह और डिंपल परनामी के नाम इस बार की कार्यकारिणी में जगह नहीं पा सके हैं।
गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष द्वारा 34 सदस्यीय कार्यकारिणी की सूची सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई थी। उस सूची में 22 नेताओं को सिफारिश के आधार पर और केवल 8 को कार्य के आधार पर शामिल बताया गया था, जबकि चार नामों के आगे कोई स्पष्ट कारण नहीं लिखा गया था। विवाद बढ़ने के बाद वह सूची वापस ले ली गई थी। अब नई कार्यकारिणी में उसी सूची के अधिकांश नाम शामिल होने से संगठन के भीतर फिर से असंतोष की लकीरें खिंचती नजर आ रही हैं।
जयपुर शहर भाजपा की यह नई कार्यकारिणी संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ आंतरिक असंतोष की चुनौती भी लेकर आई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह टीम जमीनी कार्यकर्ताओं को कितना साथ लेकर चल पाती है।