



पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने के लिए बैंकों द्वारा 6 से 7 प्रतिशत सालाना की शुरुआती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। 3 किलोवाट तक के सिस्टम के लिए किसी गारंटी की आवश्यकता नहीं है और ऋण चुकाने की अवधि 120 महीने तक रखी गई है। इसके साथ ही बैंक जीरो प्रोसेसिंग फीस भी ले रहे हैं।
सब्सिडी की बात करें तो केंद्र सरकार 1 किलोवाट पर 30,000 रुपये, 2 किलोवाट पर 60,000 रुपये और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 78,000 रुपये की एकमुश्त सब्सिडी देती है। राजस्थान सरकार मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना के लाभार्थियों को 17,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दे रही है, जिससे कुल सब्सिडी 95,000 रुपये तक पहुंच जाती है।
इन तमाम प्रोत्साहनों के बावजूद बड़ी संख्या में आवेदन खारिज होना चिंताजनक है। राजस्थान सोलर एसोसिएशन (आरएसए) सहित ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने इसे योजना की सफलता के लिए गंभीर चुनौती बताया है और बैंकिंग प्रणाली से अधिक संवेदनशील और सहयोगी रवैया अपनाने की मांग की है।