



जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के मुख्य आतिथ्य में बुधवार को शासन सचिवालय में राजस्थान लोकायुक्त सचिवालय के प्रतीक चिन्ह (लोगो) का भव्य अनावरण किया गया। इस अवसर पर लोकायुक्त प्रताप कृष्ण लोहरा, महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया भरत व्यास, महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद, प्रो. रामसेवक दुबे सहित अनेक गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रतीक चिन्ह में निहित वाक्य ‘न्यायो नीति: च शासनम्’ लोकायुक्त संस्था की मूल भावना को पूर्ण रूप से परिभाषित करता है। यह वाक्य सुशासन की उस अवधारणा को दर्शाता है, जिसमें सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और न्याय सर्वोपरि हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रतीक चिन्ह ईमानदारी के मार्ग को प्रशस्त करता है और राज्य के कार्मिकों को सत्यनिष्ठा के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार के सभी कार्मिकों से सत्यनिष्ठा की शपथ लेने का आह्वान भी किया। मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि 25 दिसम्बर को राजस्थान में सुशासन दिवस मनाया जाएगा। सेवा वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने और जन शिकायतों के प्रभावी एवं समयबद्ध निराकरण के लिए किए गए सुधारों के चलते राजस्थान सुशासन सप्ताह—2025 में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हुआ है, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। लोकायुक्त प्रताप कृष्ण लोहरा ने कहा कि यह प्रतीक चिन्ह लोकायुक्त सचिवालय की विशिष्ट पहचान का प्रतीक है, जो पारदर्शिता, निष्पक्षता, न्यायप्रियता तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध अटल संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह लोगो राजस्थान की मिट्टी, इतिहास, संस्कृति और मूल्यों को समाहित करता है तथा जनसामान्य के बीच लोकायुक्त संस्था के प्रति विश्वास को और अधिक सशक्त करेगा। उनके अनुसार, यह प्रतीक चिन्ह संस्था की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।