



जयपुर। अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर चल रही मुहिम में अब जन सहभागिता तेज़ होने लगी है। इसी क्रम में जन समस्या मंच, जयपुर की ओर से नींदड क्षेत्र की अरावली पर्वतमाला पर एक अनूठे जन आंदोलन की शुरुआत की गई। मंच के कार्यकर्ताओं ने सूरज सोनी के नेतृत्व में पहाड़ी की चोटी पर स्थित प्राकृतिक स्थल पर पहुंचकर अरावली पर्वत का विधिवत पूजन किया। इस अवसर पर मेहंदीपुर बालाजी धाम के पुजारी बनवारी लाल शर्मा की विशेष उपस्थिति रही।
पूजन के उपरांत पीपल, करंज और नीम के एक दर्जन से अधिक पौधे रोपे गए। जमीन से लगभग 150 फीट की ऊंचाई पर आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे अरावली की सुरक्षा, हरियाली और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए निरंतर संघर्ष करेंगे। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण को सांस्कृतिक आस्था से जोड़ते हुए यह संदेश दिया गया कि प्रकृति की रक्षा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक दायित्व है।
सूरज सोनी ने कहा कि अरावली केवल पहाड़ नहीं, बल्कि राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर की जल सुरक्षा, जलवायु संतुलन और जैव विविधता की रीढ़ है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार अरावली क्षेत्र में भूजल रिचार्ज क्षमता तेज़ी से घट रही है, जिसके पीछे खनन और अतिक्रमण प्रमुख कारण हैं। यदि समय रहते प्रभावी संरक्षण नहीं हुआ, तो जल संकट और वायु प्रदूषण जैसी समस्याएं और गहराती जाएंगी।
उन्होंने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में मानव श्रृंखला, नुक्कड़ नाटक, जन संवाद और ग्राम-स्तरीय जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि अरावली को बचाने का यह प्रयास एक व्यापक जन आंदोलन का रूप ले सके और नीति-निर्माताओं तक जनभावना को मजबूती से पहुंचाया जा सके।