Saturday, 29 August 2026

सैनिक राष्ट्र निर्माण के सच्चे भागीदार, ‘सैनिक’ शब्द ही रगों में जोश भर देता है: राज्यपाल


सैनिक राष्ट्र निर्माण के सच्चे भागीदार, ‘सैनिक’ शब्द ही रगों में जोश भर देता है: राज्यपाल

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि सैनिक कभी पूर्व नहीं होता। वह वर्दी में रहे या नहीं, लेकिन राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका हमेशा बनी रहती है। ‘सैनिक’ शब्द ही ऐसा है, जो रगों में जोश और देशभक्ति का संचार कर देता है। उन्होंने कहा कि सैनिक वही पथ चुनते हैं, जो वीरता, त्याग और मां भारती के प्रति सर्वस्व समर्पण से जुड़ा होता है।

राज्यपाल शनिवार को जयपुर के आर्मी एरिया ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के 26वें वार्षिक अधिवेशन के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी की रचना अभिलाषा की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए सैनिकों के अदम्य साहस और राष्ट्रप्रेम को रेखांकित किया।

राज्यपाल ने कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारजनों के कल्याण, सम्मान और पुनर्वास के लिए समाज और सरकार को मिलकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक पूर्व सैनिक और उनके परिवार इनका लाभ उठा सकें।

उन्होंने अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद द्वारा सामाजिक सेवा, राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति के प्रसार और युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करने के कार्यों की सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि पूर्व सैनिक अनुशासन, सेवा और समर्पण के जीवंत उदाहरण हैं, जिनसे समाज को निरंतर प्रेरणा मिलती है।

इस अवसर पर देशभर से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, रक्षा विशेषज्ञ और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मेजर जनरल अनुज माथुर ने परिषद की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी तथा इस अवसर पर परिषद की स्मारिका का भी लोकार्पण किया गया।

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