



अजमेर। शहर में वन्यजीवों के अवशेष और एंटीक वस्तुओं की अवैध तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने आईपीएस अजेयसिंह राठौड़ के नेतृत्व में गुरुवार को हाथीभाटा क्षेत्र में एक मकान पर दबिश देकर प्रतिबंधित और अत्यंत दुर्लभ ऐतिहासिक वस्तुओं का बड़ा जखीरा बरामद किया।
कार्रवाई में हाथीदांत के टुकड़े, राजवंश काल की पौराणिक पेंटिंग, सोने–चांदी के प्राचीन सिक्के, दुर्लभ मूर्तियां, ऐतिहासिक तलवारें और जंगलों से प्राप्त वन्यजीव अवशेष बरामद किए गए हैं। पुलिस और पुरातत्व विभाग की संयुक्त टीम इन वस्तुओं का विस्तृत परीक्षण कर रही है।
डीएसटी की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी हाथीभाटा निवासी गिरीराज सोनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से एंटीक वस्तुओं और वन्यजीव अवशेषों को ऑनलाइन बेचने का नेटवर्क चला रहा था। कई देशी–विदेशी कलेक्टरों से उसकी बातचीत के प्रमाण भी मिले हैं।
तलाशी के दौरान मिली सामग्री का मूल्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों में आंका जा रहा है। बरामद वस्तुओं की सूची में शामिल है—
हाथीदांत के टुकड़े
शिल्पकारी वाली प्राचीन मूर्तियां
राजसी और ऐतिहासिक काल के दुर्लभ सिक्के
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रतिबंधित अवशेष
राजपूताना और ब्रिटिश काल के हथियार
पुलिस ने विशेष रूप से निम्न सामग्री जब्त की—
प्राचीन पौराणिक पेंटिंग
भगवान बुद्ध की एक दुर्लभ पांडुलिपि
दो ऐतिहासिक कटार
एक जैन मूर्ति
इंदौर शासक काल की 25 मुद्राएं
एक पुरातन शील्ड
बारहसिंघा के दो सींग
वन्यजीवों के दो नाखून एवं हाथीदांत का एक हिस्सा
चार धारदार हथियार, जिसमें एक ब्रिटिशकालीन तलवार भी शामिल
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद सामग्री वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 तथा पुरातत्व संरक्षण कानून के तहत गंभीर अपराध श्रेणी में आती है। अजमेर पुलिस का यह ऑपरेशन एंटीक माफिया व वन्यजीव अवशेष तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।