



दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन करते हुए ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली का आयोजन किया। मंच से कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखे राजनीतिक हमले बोले।
पार्टी सांसद राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का आत्मविश्वास टूट चुका है। उन्होंने आरोप लगाया— “अमित शाह के हाथ कांपते हैं, उन्हें पता है कि उनकी चोरी पकड़ी गई है।” राहुल ने कहा कि देश में सत्य और असत्य के बीच संघर्ष चल रहा है और वोट चोरी संविधान पर हमला है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सिर्फ राजनीतिक हमलों तक सीमित नहीं, बल्कि कांग्रेस की विरासत और वंदे मातरम् जैसे प्रतीकों तक को ‘चुराने’ का काम कर रही है। उन्होंने कहा— “गांधी, नेहरू, पटेल और अंबेडकर पर हमला करना इनकी आदत है। इनके झूठ और गद्दारी को जनता को हटाना होगा।” भावुक होते हुए खड़गे बोले कि “मेरे बेटे का आठ घंटे का ऑपरेशन था, लेकिन देश के लिए मैं लड़ाई छोड़कर नहीं जा सकता। बेटे को कुछ भी हो जाए, देश के लोगों को कुछ नहीं होना चाहिए।”
रैली में प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। प्रियंका ने कहा कि “आज न्यायालय पर दबाव है। मीडिया अंबानी-अडाणी की है। कांग्रेस के नेताओं को झूठे मामलों में जेल भेजा गया। जो बीजेपी में आ गया, वो उनकी वॉशिंग मशीन से साफ हो गया।”
उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह और विवेक जोशी भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। साथ ही आरोप लगाया— “पीएम ने इनको बचाने के लिए कानून बदला है। सरकार बदलते ही हम यह कानून बदलेंगे।”
प्रियंका ने कहा कि मोदी सरकार जनता से आंख मिलाकर बात नहीं कर सकती—“मोदी-शाह का आत्मविश्वास खत्म हो चुका है। यह सरकार जनता के भरोसे नहीं, चुनाव आयोग के भरोसे चल रही है।” उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी ने छोटे व्यापारियों को तबाह किया और जो विकास वर्षों में कांग्रेस ने बनाया, उसे बीजेपी ने बिखेर दिया।
रैली में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि ‘वोट चोरी’ के खिलाफ 55 लाख से अधिक हस्ताक्षर जुटाए गए हैं। रैली के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मुलाकात कर यह ज्ञापन सौंपने का अनुरोध करेगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने पूरे सबूतों के साथ यह मुद्दा जनता के सामने रखा है।
रामलीला मैदान की यह रैली 2024 के बाद कांग्रेस द्वारा किया गया अब तक का सबसे बड़ा जनप्रदर्शन माना जा रहा है, जिसमें पार्टी ने वोटिंग सिस्टम, चुनाव आयोग और सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए।