



जयपुर के जलमहल की पाल पर आयोजित राज्यस्तरीय स्वच्छता जागरूकता एवं श्रमदान कार्यक्रम में शनिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हम 2 साल बनाम 5 साल की तुलना की बात करते हैं, लेकिन कांग्रेस इसका जवाब देने की बजाय मुद्दा भटकाने लगती है। आज वे “वोट चोरी” अभियान का आरोप लगा रहे हैं, जबकि उनकी अपनी राजनीतिक साख उनके ही कर्मों, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की नीति के चलते खत्म हो गई है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस कभी संसद से लेकर पंचायत तक प्रभावशाली हुआ करती थी, लेकिन “यह वह बीमारी है, जो किसी भी दल के साथ जाए, उसे भी गड्ढे में ले जाती है। छोटे दलों के साथ गठबंधन करती है तो उन्हें भी डूबो देती है, क्योंकि कांग्रेस ने आत्ममंथन करना ही छोड़ दिया है।”
स्वच्छता कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शर्मा ने कांग्रेस पर और तीखा वार करते हुए कहा कि जनता अब पूरी तरह जागरूक हो गई है—“आपके भ्रष्टाचार की कहानी नई नहीं, बल्कि परंपरागत है… आपने कचरे के ढेर में भी पैसा खा लिया। ऊपर से खाया, नीचे से खाया—जहां भी काम मिला, भ्रष्टाचार ही किया।”
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार ने दो वर्षों में वह काम कर दिया, जो कांग्रेस अपनी पांच साल की सरकार में नहीं कर सकी। उन्होंने दावा किया कि संकल्प पत्र का 70% काम पूरा किया जा चुका है और हर वादे पर रोडमैप बनाकर कार्य हो रहा है।
उन्होंने कहा—“यह कहते हैं कि अंतर नहीं दिख रहा। आपके समय में कितने पेपर लीक हुए थे? हमारी सरकार के 2 साल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई हो रही है, लोग जेल जा रहे हैं—लेकिन कांग्रेस को यही अंतर नहीं दिख रहा।”
मुख्यमंत्री शर्मा ने भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश देते हुए कहा कि “जिसने जनता का एक रुपया भी हड़पा है, उसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। जनता का पैसा जनता के हित में लगे—गरीब, किसान, मजदूर के हित में लगे, न कि किसी के जेब में।” प्रधानमंत्री मोदी को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा—“यह मोदी है… ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा। और अगर किसने खा लिया… तो उससे वापस निकलवाऊंगा।”
मुख्यमंत्री शर्मा ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में राजस्थान में जीरो टॉलरेंस नीति पर काम हुआ है और प्रदेश में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं हुआ है, जबकि केंद्र की मोदी सरकार के 11 साल में भी कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ।