



जयपुर। जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के लिए बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) की बैठक में फेज-2 की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी है। इस स्वीकृति के साथ जयपुर में मेट्रो विस्तार का रास्ता लगभग साफ हो गया है और अब परियोजना को अंतिम अनुमति के लिए केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजा जाएगा।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) के सचिव की अध्यक्षता में हुई इस हाई-लेवल बैठक में कई मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। Rajasthan Metro Rail Corporation (RMRC) के मैनेजिंग डायरेक्टर वैभव गालरिया ने फेज-2 की DPR पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया, जिसके बाद बोर्ड ने इसे स्वीकृति दे दी। यह मंजूरी शहर के सार्वजनिक परिवहन सिस्टम को नया आयाम देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अब अगले चरण में परियोजना से जुड़ा कैबिनेट नोट तैयार किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, 20 दिसंबर तक PIB बैठक के आधिकारिक मिनट्स जारी किए जाएंगे। इसके बाद नोट को केंद्रीय शहरी कार्य मंत्रालय भेजा जाएगा, जहां मंत्री मनोहर लाल इसकी अनुमति देंगे। इसके उपरांत प्रस्ताव वित्त मंत्रालय जाएगा, जहाँ वित्त मंत्री निर्मला सीतारामण आर्थिक सहमति देंगी। अंतिम रूप से यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के पास जाएगा, और PMO की मंजूरी के बाद इसे केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद ही फेज-2 के निर्माण कार्यों की शुरुआत सुनिश्चित होगी।
जयपुर मेट्रो फेज-2 को शहर के भविष्य के लिए गेम-चेंजर परियोजना माना जा रहा है। यह दक्षिणी व पश्चिमी Jaipur को सीधे जोड़ते हुए शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करेगा। इससे रोज़गार, व्यवसाय, रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
फेज-2 की कुल लंबाई 42.80 किलोमीटर होगी, जिसमें 36 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें 34 एलिवेटेड और 2 अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे। यह रूट सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, वीकेआई, जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जयपुर रेलवे स्टेशन, गांधी नगर स्टेशन, SMS हॉस्पिटल, SMS स्टेडियम, कलेक्ट्रेट, विद्याधर नगर, अंबाबाड़ी, टोंक रोड और सीकर रोड जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़कर पूरे Jaipur में तेज व मजबूत मेट्रो कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। लंबे समय से स्वीकृति का इंतजार कर रही यह परियोजना अब वास्तविकता के बेहद करीब है। केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही जयपुर मेट्रो का सबसे बड़ा विस्तार कार्य शुरू हो जाएगा, जो आने वाले वर्षों में शहर के महत्वपूर्ण शहरी विकासों में शामिल होगा।