Saturday, 29 August 2026

राइजिंग राजस्थान के 35 लाख करोड़ के निवेश में से 7 लाख करोड़ जमीन पर उतरे, बाकी एमओयू भी प्रगति पर :राज्यवर्द्धन सिंह


राइजिंग राजस्थान के 35 लाख करोड़ के निवेश में से 7 लाख करोड़ जमीन पर उतरे, बाकी एमओयू भी प्रगति पर :राज्यवर्द्धन सिंह

जयपुर। प्रदेश का पहला प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन बुधवार को आयोजित होने जा रहा है। इससे पहले पिछले वर्ष राज्य सरकार द्वारा राइजिंग राजस्थान इनवेस्टमेंट समिट का आयोजन किया गया था, जिसमें लगभग 35 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड निवेश समझौते (एमओयू) हुए थे। इनमें से करीब 7 लाख करोड़ रुपए के एमओयू वास्तविक धरातल पर उतर चुके हैं। बाकी निवेश प्रस्तावों की स्थिति को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे, जिन पर उद्योग मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने स्पष्ट किया कि “एमओयू लगातार धरातल पर उतर रहे हैं, और सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ समयबद्ध रूपरेखा में काम कर रही है।”

राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार ने एमओयू ग्राउंडिंग के लिए टाइम-बाउंड फ्रेमवर्क, प्रत्यक्ष भूमि आवंटन और सख्त एकल-खिड़की मंजूरी प्रणाली लागू की है। उनके अनुसार, राइजिंग राजस्थान के दौरान हुए 35 लाख करोड़ के एमओयू विभिन्न चरणों पर हैं—कुछ परियोजनाएँ निर्माण चरण में, कुछ उत्पादन की ओर बढ़ रही हैं, जबकि कुछ के लिए जमीन आवंटन और क्लीयरेंस फाइनल स्टेज में है। पिछले दो वर्षों में ही सरकार ने 33 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए, 1952 भूखंड आवंटित किए, और 3100 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को सशक्त बनाया है। यह राज्य के औद्योगिक ढांचे में तेज़ी से हो रहे परिवर्तन को दर्शाता है।

उद्योग मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने राजस्थान के नए औद्योगिक विकास मॉडल पर भी प्रकाश डाला। उनके अनुसार, अब राज्य का फोकस क्लस्टर-आधारित विकास, सनराइज सेक्टर्स, ग्रीन ग्रोथ और निर्यात प्रोत्साहन पर है। टेक्सटाइल, सिरेमिक, फर्नीचर, हैंडीक्राफ्ट, फार्मा, सोलर और हाई-एंड मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स में पिछले एक वर्ष में उल्लेखनीय तेजी देखी गई है। उन्होंने कहा कि “जब सरकार सही हाथों में हो, तो असंभव लगने वाला भी संभव हो जाता है। सिर्फ नीतियाँ नहीं बदलीं, बल्कि उनका असर जमीन पर दिख रहा है।”

एनसीआर रीजन में औद्योगिक भूमि आवंटन पर पूछे गए सवाल पर राठौड़ ने बताया कि रीको और राज निवेश (RIICO & RajNivesh) के माध्यम से एनसीआर-केंद्रित निवेशकों के लिए विशेष भूमि बैंक तैयार किया गया है। निवेशक अब यह ऑनलाइन देख सकते हैं कि कहां-कहां भूमि उपलब्ध है, कौन से प्लॉट रिज़र्व हैं, और आवंटन की समय-सीमा क्या है। उन्होंने कहा कि “पहले जहां बड़े उद्योगों को जमीन मिलने में महीने लग जाते थे, अब यह प्रक्रिया तेज और पूरी तरह पारदर्शी हो चुकी है।”

रोजगार सृजन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में राजस्थान में हाई-स्किल जीसीसी (Global Capability Centres), स्टार्टअप आधारित रोजगार और युवाओं के लिए विशेष इकोसिस्टम तेजी से विकसित हुआ है। इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हुए हैं और युवा तकनीकी क्षेत्रों में अग्रसर हुए हैं।

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