



राजधानी जयपुर में मंगलवार को लोगों का ध्यान उस समय खिंच गया, जब शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर ‘लापता शिक्षा मंत्री – राजस्थान के सभी मां-बाप मंत्री जी की तलाश कर रहे हैं’ लिखे पोस्टर दिखाई दिए। यह अनोखा विरोध हाल ही में एक स्कूल की छात्रा अमायरा की संदिग्ध मौत के मामले में अब तक कार्रवाई न होने से नाराज परिजनों और अभिभावकों ने किया। पोस्टर्में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की तस्वीर लगाकर उन पर कार्रवाई से बचने का आरोप लगाया गया है।
अभिभावकों और परिवर्तन टीम के सदस्यों ने नारायण सिंह सर्किल, अल्बर्ट हॉल, ओटीएस चौराहा, शिक्षा संकुल, सांगानेर, झालाना डूंगरी सहित कई इलाकों में ये पोस्टर चिपकाए। पोस्टरों में यह भी लिखा है—
"एक प्राइवेट स्कूल में छोटी सी बच्ची ने जान दे दी और मंत्री जी कुछ करने के बजाय भाग खड़े हुए।"
विरोध कर रहे लोगों ने पोस्टर लगाने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड किए, जिससे मामला फिर सुर्खियों में आ गया है।
परिवर्तन टीम सदस्य आशुतोष रांका ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि राजस्थान के शिक्षा मंत्री पिछले दो वर्षों से ‘लापता’ हैं। उन्होंने आरोप लगाए कि—
स्कूलों की छतें गिर रही हैं
दूध पाउडर और स्पोर्ट्स किट में घोटाले सामने आए
छात्रों को समय पर किताबें नहीं मिलीं
एसआईआर के दबाव में शिक्षक आत्महत्या कर रहे हैं
इसके बावजूद मंत्री किसी से मिलने या कार्रवाई करने के लिए आगे नहीं आ रहे।
विरोध में शामिल रेखा शर्मा ने कहा कि अमायरा की मौत के 38 दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने शिक्षा मंत्री पर लापरवाही और निजी स्कूलों के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए और कहा कि बच्ची को न्याय दिलाने के लिए यह पोस्टर अभियान चलाया गया है।
अभिभावकों का कहना है कि जब तक अमायरा केस में सख्त कार्रवाई नहीं होती, विरोध जारी रहेगा। मामले ने शहर में शिक्षा व्यवस्था और प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।