Saturday, 29 August 2026

जयपुर का 2055 तक का नया रोडमैप तैयार: 129 किमी मेट्रो नेटवर्क, 245 किमी बस रूट और 25 फ्लाईओवर–अंडरपास का प्रस्ताव


जयपुर का 2055 तक का नया रोडमैप तैयार: 129 किमी मेट्रो नेटवर्क, 245 किमी बस रूट और 25 फ्लाईओवर–अंडरपास का प्रस्ताव

जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने शहर की भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को देखते हुए 2055 तक का कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP) तैयार कर लिया है। जेडीए मंथन सभागार में जयपुर विकास आयुक्त की मौजूदगी में राइट्स लिमिटेड (RITES) ने CMP का ड्राफ्ट प्रस्तुत किया, जिसमें जयपुर के बढ़ते वाहन दबाव, ट्रैफिक जाम और सार्वजनिक परिवहन की जरूरतों को केंद्र में रखा गया है।

बैठक में बताया गया कि जयपुर में वर्तमान में 35.9 लाख से अधिक वाहन रजिस्टर्ड हैं, ऐसे में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की क्षमता बढ़ाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। CMP में जयपुर मेट्रो के बड़े स्तर पर विस्तार की योजना शामिल की गई है। मेट्रो फेज-2 (प्रह्लादपुरा से टोडी मोड़) के साथ फेज-3 और फेज-4 भी प्रस्तावित हैं, जिनके विकसित होने पर वर्ष 2055 तक कुल 129.55 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क जयपुर में तैयार हो जाएगा।

शहर की बस कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 245 किलोमीटर के नए बस रूट, बसों की संख्या बढ़ाकर 4,050 करने और 214 किलोमीटर के फीडर रूट विकसित करने का प्रावधान है। इससे मेट्रो और मुख्य मार्गों पर यात्रा समय घटाने और अंतिम मील कनेक्टिविटी को बेहतर करने की योजना है। ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए CMP में 25 लोकेशन पर नए फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने का प्रस्ताव है। इनमें ओटीएस सर्किल से जवाहर सर्किल तक एलिवेटेड रोड, टोडी मोड़, विजय द्वार, समेत कई महत्वपूर्ण जंक्शन शामिल हैं। साथ ही रेलवे क्रॉसिंग पर 10 नए ROB और RUB विकसित किए जाएंगे।

भारी वाहनों को शहर की मुख्य सड़कों से हटाने के लिए उत्तरी रिंग रोड, नए फ्रेट टर्मिनल, और इंडस्ट्री क्षेत्रों के लिए विशेष कनेक्टिविटी मार्ग तैयार किए जाएंगे। नॉन-मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए शहर में साइकिल ट्रैक, पैदल पथ और सभी मेट्रो स्टेशनों पर ई-बाइक शेयरिंग सिस्टम शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया है।परकोटा और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नो-पार्किंग जोन, ऑन-स्ट्रीट पेड पार्किंग, और रेलवे स्टेशन सहित प्रमुख क्षेत्रों में मल्टी-लेवल पार्किंग की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। ट्रैफिक मैनेजमेंट को अत्याधुनिक और केंद्रीकृत बनाने के लिए CMP में मौजूदा ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड को अपग्रेड करके यूनिफाइड मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (UMTA) बनाने की भी सिफारिश शामिल है।

बैठक में अधिकारियों ने ड्राफ्ट पर विस्तृत चर्चा की और सुझाव दिए। अब स्टेकहोल्डर्स की राय शामिल कर दिसंबर अंत तक अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। CMP लागू होने पर जयपुरवासियों को आने वाले वर्षों में अधिक सुरक्षित, तेज और आधुनिक परिवहन प्रणाली का लाभ मिल सकेगा।

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