



राजस्थान में अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर बुधवार को जयपुर स्थित हरीश चंद्र माथुर लोक प्रशासन संस्थान (OTS) में राज्य स्तरीय विशेष योग्यजन पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजन और संस्थाओं को सम्मानित किया। सीएम ने कहा कि आज शिक्षा, खेल, विज्ञान, कला, तकनीक सहित हर क्षेत्र में दिव्यांगजन अपनी विशेष प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। समाज और सरकार का दायित्व है कि उन्हें समान अवसर और प्रेरणा देकर आगे बढ़ने में पूरा सहयोग दिया जाए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य है—राजस्थान को दिव्यांगजनों के लिए देश का सबसे सुगम्य और संवेदनशील राज्य बनाना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन अपने भीतर अद्भुत क्षमता रखते हैं। पैरालंपिक और अन्य स्पर्धाओं में उनके प्रदर्शन ने यह साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और परिश्रम से कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि अपने आसपास के दिव्यांगजनों की प्रतिभा को पहचानें और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें, ताकि एक समावेशी समाज का निर्माण हो सके।
सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुगम्य भारत अभियान और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने विकलांगता की श्रेणियों को 7 से बढ़ाकर 21 कर दिया है। एसिड अटैक सरवाइवर को भी विशेष श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे दिव्यांगजन सशक्त और आत्मनिर्भर हो रहे हैं। राज्य सरकार भी स्मार्टफोन, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, पेंशन और स्वरोजगार सहायता जैसी कई योजनाओं के माध्यम से दिव्यांगजन कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में इस वर्ष दिव्यांग बच्चों और युवाओं को 2500 स्कूटी वितरित की जा रही हैं। विशेष योग्यजनों के आवासीय संस्थानों के मैस भत्ते को भी बढ़ाकर 3,250 रुपए प्रति आवासीय कर दिया गया है। पिछले वर्ष 15 हजार अंग-उपकरण वितरित किए गए थे और इस वर्ष लक्ष्य 1 लाख का रखा गया है। मस्क्यूलर डिस्ट्रॉफी पीड़ितों के लिए पहली बार इलेक्ट्रिक पावर्ड व्हीलचेयर दी जा रही है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि दिव्यांगजनों के पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के लिए राज्य सरकार सतत प्रयास कर रही है। यूनिक डिसेबिलिटी पहचान पत्र जारी करने में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले दिव्यांगजन और संस्थाओं को सम्मानित किया। उन्होंने स्मार्टफोन, श्रवण यंत्र, स्मार्ट केन, स्कूटी और अन्य सहायक उपकरण भी वितरित किए तथा दिव्यांगजन द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा, विशेष योग्यजन निदेशक इकबाल खान सहित कई अधिकारी और बड़ी संख्या में विशेष योग्यजन उपस्थित रहे।