Saturday, 29 August 2026

राजस्थान के सभी बड़े अस्पतालों में लागू होगा फीडबैक सिस्टम — प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने जेके लोन अस्पताल निरीक्षण के दौरान दिए महत्वपूर्ण निर्देश


राजस्थान के सभी बड़े अस्पतालों में लागू होगा फीडबैक सिस्टम — प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने जेके लोन अस्पताल निरीक्षण के दौरान दिए महत्वपूर्ण निर्देश

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और पेशेंट फ्रेंडली बनाने के लिए राजस्थान सरकार अब सभी बड़े अस्पतालों में फीडबैक सिस्टम लागू करने जा रही है। मरीज और उनके परिजन अस्पताल में मिली चिकित्सा सेवाओं पर सीधे अपना फीडबैक दे सकेंगे। इसी आधार पर अस्पताल प्रशासन आवश्यक सुधार करेगा। फीडबैक सिस्टम की उच्च स्तर से लगातार मॉनिटरिंग भी की जाएगी।

मंगलवार को जेके लोन अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने यह निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों को मरीजों की सुविधा के अनुरूप ढालना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रथम चरण में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सभी अस्पतालों में फीडबैक सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।

सर्वाइवल रेट बढ़ाने के भी निर्देश

निरीक्षण के दौरान प्रमुख शासन सचिव ने मानव संसाधन, दवाओं की उपलब्धता, जांच व्यवस्था, उपचार सुविधाओं और विभिन्न योजनाओं के संचालन का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि आईसीयू और सुपर स्पेशलिटी इकाइयों में गंभीर मरीजों की सर्वाइवल रेट को और बेहतर किया जाए।

मरीजों को बाहर से नहीं लानी पड़ेगी दवा

राठौड़ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी रोगी को दवाइयाँ या अन्य आवश्यक सामग्री बाहर से खरीदने के लिए न कहा जाए। राज्य सरकार सभी राजकीय अस्पतालों में शत-प्रतिशत निशुल्क उपचार उपलब्ध करा रही है, इसलिए सभी दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध हों।

मानव संसाधन और अस्पताल विस्तार पर जोर

अस्पताल में बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए उन्होंने मानव संसाधन बढ़ाने और अस्पताल विस्तार की विस्तृत योजना भेजने के निर्देश भी दिए। नवनिर्मित CTVS इकाई को जल्द पूरी तरह संचालन में लाने को भी कहा।

एसएमएस में गंभीर व सामान्य मरीजों की व्यवस्था अलग

एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि निर्देशानुसार अब गंभीर और सामान्य मरीजों की अलग-अलग स्क्रीनिंग और उपचार व्यवस्था शुरू कर दी गई है, ताकि गंभीर मरीजों को त्वरित इलाज मिल सके।

निरीक्षण के दौरान अधीक्षक डॉ. आर.एन. सेहरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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