



राजस्थान में भाजपा सरकार बने करीब दो साल हो चुके हैं और इसी बीच 1 दिसंबर सोमवार से प्रदेश कार्यालय में भाजपा की कार्यकर्ता सुनवाई की औपचारिक शुरुआत कर दी गई। पहले दिन उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कार्यकर्ताओं की समस्याएँ सुनीं। हालांकि उपस्थिति बेहद कम रही, जिसका कारण सुनवाई का शेड्यूल पहले से जारी न होना बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, डिप्टी सीएम बैरवा को सुबह करीब 9:30 बजे अचानक फोन कर कार्यकर्ता सुनवाई के लिए बुलाया गया। इसी प्रकार ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर को भी तत्परता से ऑफिस पहुंचने को कहा गया। चूंकि पार्टी कार्यालय की ओर से सुनवाई का शेड्यूल पहले से सार्वजनिक नहीं किया गया था, इसलिए कई कार्यकर्ताओं को यह स्पष्ट नहीं था कि सुनवाई आज होगी या नहीं।
इस बार की कार्यकर्ता सुनवाई में एक बड़ा बदलाव किया गया है। यह जनसुनवाई नहीं, बल्कि केवल पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए सीमित सुनवाई है। वसुंधरा राजे के पिछले कार्यकाल में मंत्रियों की जनसुनवाई में कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आमजन भी अपनी समस्याएँ लेकर आते थे, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में भाजपा ने इस कार्यक्रम को सिर्फ कार्यकर्ताओं तक सीमित रखा है।
उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि मंत्री अपने आवास और सचिवालय में जनसुनवाई करते हैं, लेकिन भाजपा ऑफिस की सुनवाई केवल पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए होगी। उन्होंने साफ कहा कि जो भी व्यक्ति सुनवाई में आएगा, सबसे पहले पार्टी पदाधिकारी यह वेरिफाई करेंगे कि वह वास्तविक बीजेपी कार्यकर्ता है। इसके बाद उसकी समस्या का मौके पर ही समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने बताया कि पार्टी में कार्यकर्ता सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यकर्ताओं की जरूरतों और दायित्वों को समझते हुए 1 दिसंबर से प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ता सुनवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सप्ताह में तीन दिन—सोमवार, मंगलवार और बुधवार—दो मंत्री सुनवाई करेंगे। पंजीकरण के बाद प्राप्त परिवाद संबंधित मंत्री को भेजे जाएंगे और कार्यकर्ता की अनुशंसा पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान प्रदेश पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
भाजपा की यह नई पहल कार्यकर्ताओं को संगठन और सरकार के बीच एक सुगम संवाद मंच प्रदान करने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
2 दिसंबर को भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ता सुनवाई: कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और मंत्री बाबूलाल खराड़ी सुनेंगे कार्यकर्ताओं की समस्याएँ
भाजपा प्रदेश कार्यालय में शुरू हुई कार्यकर्ता सुनवाई के कार्यक्रम के तहत 2 दिसंबर (मंगलवार) को उद्योग एवं वाणिज्य तथा खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याएँ सुनेंगे। दोनों मंत्री सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक प्रदेश कार्यालय में मौजूद रहेंगे। यह जानकारी भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने जारी की है।
दाधीच ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ता सर्वोपरि है और संगठन कार्यकर्ताओं की आवश्यकताओं व जिम्मेदारियों को समझते हुए उन्हें सीधा मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर 1 दिसंबर से प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ता सुनवाई की शुरुआत की गई है। इसके तहत सप्ताह में तीन दिन—सोमवार, मंगलवार और बुधवार—दो मंत्री नियमित रूप से सुनवाई करेंगे।
उन्होंने कहा कि पंजीकरण के बाद प्राप्त परिवाद संबंधित मंत्री को भेज दिए जाएंगे और कार्यकर्ता की अनुशंसा के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सुनवाई के दौरान पार्टी पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे ताकि समस्याओं का समाधान शीघ्रता से किया जा सके।
दाधीच ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य संगठन और सरकार के बीच एक सुगम संवाद प्रणाली स्थापित करना है, ताकि कार्यकर्ता अपनी कठिनाइयाँ सीधे मंत्रियों के सामने रख सकें और उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।