



कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के सदस्य और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर एक बार फिर पार्टी की अहम रणनीतिक बैठक से अनुपस्थित रहे। 30 नवंबर को संसद के शीतकालीन सत्र को लेकर सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस के स्ट्रेटेजिक ग्रुप की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, लेकिन थरूर इसमें शामिल नहीं हुए। थरूर के ऑफिस की ओर से बताया गया कि वे इन दिनों केरल में अपनी 90 वर्षीय मां के साथ हैं, इसलिए बैठक में पहुंचना संभव नहीं था।
यह लगातार दूसरा मौका है जब शशि थरूर पार्टी की हाई-लेवल मीटिंग से नदारद रहे हैं। इससे पहले वे SIR मुद्दे पर बुलाई गई कांग्रेस की बैठक में स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर अनुपस्थित रहे थे। हालांकि उसी समय वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल हुए, जिसके बाद पार्टी के भीतर सवाल खड़े हो गए थे और यह मुद्दा राजनीतिक विवाद का विषय बना था।
पार्टी की अहम बैठकों से शशि थरूर का लगातार गायब रहना अब कांग्रेस के भीतर चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस और थरूर के रिश्तों में खिंचाव किसी से छिपा नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से और कई मौकों पर थरूर की टिप्पणियाँ व गतिविधियाँ भाजपा और पीएम मोदी के प्रति झुकाव दिखाने के रूप में देखी जाती रही हैं।चुनावी मौसम में कांग्रेस की रणनीतिक बैठकों से उनकी दूरी यह संकेत दे रही है कि पार्टी नेतृत्व और थरूर के बीच मतभेद गहराते जा रहे हैं।