



जयपुर। कर्नाटक कांग्रेस सरकार में चल रही अंदरूनी खींचतान को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बिना नाम लिए पार्टी के भीतर विरोधियों पर तीखा तंज कसा। गहलोत ने कहा कि कुछ लोग अपने राजनीतिक फायदे के लिए “ढाई—ढाई साल का फार्मूला” और “मुझे मुख्यमंत्री बनाने के लिए भेजा गया” जैसे झूठे दावे फैलाते हैं। उन्होंने कहा— “छत्तीसगढ़ में भी ढाई साल का फार्मूला चलाया गया, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ। कर्नाटक में भी ऐसा ही माहौल बनाया जा रहा है, जबकि यह सब हवा—हवाई बातें हैं।”
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि कर्नाटक के सीएम और डिप्टी सीएम के बीच किसी तरह की खींचतान नहीं है। उन्होंने कहा— “प्यार-मोहब्बत की खबरें नहीं चलतीं, तलाक की चलती हैं। कर्नाटक में तलाक नहीं हो रहा, प्यार-मोहब्बत है। राहुल गांधी और खड़गे साहब के नेतृत्व में कांग्रेस एकजुट है।”
राजस्थान सरकार पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने मौजूदा भाजपा सरकार को “नकारा और निकम्मी” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था चौपट है, सड़कें जर्जर हैं और एसआईआर को लेकर लोग आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा— “सरकार मानने को तैयार ही नहीं है कि हालात गंभीर हैं।”
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग का रवैया लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने यहां तक कहा कि आने वाले समय में चुनाव किस रूप में होंगे, इसकी भी आशंका है— “देश का लोकतंत्र अंबेडकर के संविधान की वजह से बचा हुआ है, लेकिन अब माहौल खतरनाक हो गया है।”