



यूनिसेफ गुडविल एम्बेसडर सर डेविड बेकहम इस सप्ताह भारत दौरे पर रहे, जहां उन्होंने बच्चों और युवाओं से मुलाकात कर समानता, समावेशन और सशक्तिकरण का संदेश दिया। मुंबई में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने बच्चों के उत्साह, संघर्ष और जज़्बे को करीब से महसूस किया और कहा कि भारत के बच्चे दुनिया में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।
बेकहम ने कहा कि आज जिन बच्चों और युवाओं से मिला हूं, उनका उत्साह और हिम्मत मुझे बेहद प्रेरित करता है। वे कम उम्र में ही बदलाव के लिए आवाज उठा रहे हैं और अपने भविष्य को लेकर जागरूक हैं। यह हमें याद दिलाता है कि हमें लगातार बच्चों और युवाओं में निवेश करना होगा।
मुंबई के कूपरेज फुटबॉल ग्राउंड्स में सर डेविड ने 12 वर्षीय खुशी और 10 वर्षीय रोहित से मुलाकात की—दोनों बच्चे फुटबॉल के माध्यम से जीवन कौशल, आत्मविश्वास और टीमवर्क सीख रहे हैं। खुशी ने बताया कि मैं पहले बहुत शांत और अकेली रहती थी, लेकिन फुटबॉल ने मुझे खोलने में मदद की। अब मैं बेहतर बातचीत कर पाती हूं और फैसले लेने में भी आत्मविश्वास है।”
सर डेविड ने यूनिसेफ द्वारा समर्थित उस परियोजना के बच्चों से भी मुलाकात की, जिसका मकसद मुंबई को बच्चों के लिए सुरक्षित, हरित और बेहतर शहर बनाना है। 9 वर्षीय पर्यावरण चैंपियन तीर्थ, जो स्कूल में वेस्ट कम्पोस्ट चैंपियन हैं, ने बताया कि जब मैंने देखा कि स्कूल का कचरा कम्पोस्ट बनकर पौधों को जीवन दे रहा है, तब समझ आया कि हम सिर्फ सफाई नहीं कर रहे, बल्कि धरती को जीवन दे रहे हैं।
यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्री ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से डेविड बेकहम दुनिया भर के बच्चों के मुद्दों को वैश्विक मंचों तक पहुंचाते आए हैं। उन्होंने कहा कि बेकहम दुनिया भर के बच्चों, खासकर भारत के बच्चों के लिए प्रेरणा हैं। उनकी मौजूदगी बच्चों को अपने सपनों को पूरा करने और अपनी क्षमता तक पहुंचने की हिम्मत देती है।