Saturday, 29 August 2026

नोएडा में अपर यमुना रिव्यू कमेटी की 9वीं बैठक — शेखावाटी तक यमुना जल पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त, राजस्थान सरकार प्रतिबद्ध: जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत


नोएडा में अपर यमुना रिव्यू कमेटी की 9वीं बैठक — शेखावाटी तक यमुना जल पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त, राजस्थान सरकार प्रतिबद्ध: जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत

राजस्थान के लिए बहुप्रतीक्षित यमुना जल परियोजना को लेकर गुरुवार को नोएडा के यमुना भवन में अपर यमुना रिव्यू कमेटी की 9वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संयुक्त प्रयासों से अब राज्य में यमुना जल लाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

शेखावाटी अंचल को मिलेगा यमुना जल

श्री रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार अंतिम छोर तक जल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यमुना जल परियोजना के तहत सीकर, चूरू, झुंझुनूं जैसे शेखावाटी अंचल के जिलों में पेयजल की भारी समस्या को दूर करने की दिशा में यह परियोजना एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।

उन्होंने कहा कि फरवरी 2024 में यमुना जल से संबंधित एमओयू के अनुरूप हरियाणा और राजस्थान सरकारों ने संयुक्त टास्क फोर्स गठित की थी, जो अब डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है।

मंत्री ने केन्द्र और हरियाणा सरकार को दिया धन्यवाद

जल संसाधन मंत्री श्री रावत ने केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताते हुए कहा कि उनके सहयोग और प्रयासों से ही यह परियोजना अब धरातल पर आकार ले रही है।

उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में यमुना और उसकी सहायक नदियों पर तीन परियोजनाएं — रेणुकाजी, लखवार और किशाऊ — का निर्माण चल रहा है। राजस्थान सरकार ने इन तीनों परियोजनाओं में अपनी हिस्सेदारी की राशि स्वीकृत कर दी है, ताकि कार्य समयबद्ध रूप से पूरे किए जा सकें।

यमुना जल अपवर्तन के लिए तैयार हो रही डीपीआर

रावत ने कहा कि मानसून के दौरान यमुना में व्यर्थ बहने वाले जल का उपयोग करने के लिए एक नया परिवहन तंत्र (Diversion System) तैयार किया जा रहा है। इस तंत्र की डीपीआर तैयार करने का कार्यादेश जारी किया जा चुका है, जो हरियाणा-राजस्थान की संयुक्त टास्क फोर्स के समन्वय से तैयार की जा रही है।
इसे शीघ्र ही केन्द्रीय जल आयोग को प्रस्तुत किया जाएगा।

हथिनी कुण्ड बैराज से अपवर्तन हेतु केंद्र से वित्तीय सहयोग का आग्रह

मंत्री ने हथिनी कुण्ड बैराज से राजस्थान में जल अपवर्तन के लिए रेणुकाजी, लखवार और किशाऊ परियोजनाओं को राष्ट्रीय परियोजनाओं का अभिन्न अंग मानते हुए केंद्र से वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।
साथ ही, उन्होंने ओखला हैड से गुड़गांव नहर प्रणाली के जीर्णोद्धार को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि इससे राजस्थान को आवंटित जल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

बैठक में शामिल रहे

बैठक की अध्यक्षता केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने की। इसमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
राजस्थान से मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव (जल संसाधन) भुवन भास्कर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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