



मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बार फिर सख्त कदम उठाया है। सांगानेर तहसील के पालड़ी परसा गांव में तालाबी भूमि को गलत तरीके से बारानी भूमि दिखाने के गंभीर प्रकरण में तहसीलदार सहित तीन कार्मिकों को त्वरित प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
गंभीर अनियमितता पर त्वरित कार्रवाई
राजस्व मंडल की जांच में पाया गया कि सांगानेर के तहसीलदार कार्तिकेय लाटा ने संबंधित राजस्व रिकॉर्ड में अनियमित रूप से तालाबी भूमि का वर्ग परिवर्तन कर बंजर/बारानी भूमि दर्शाया। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया।
इसी प्रकरण में जांच रिपोर्ट के आधार पर पटवार हलका देवलिया की वर्तमान पटवारी श्रीमती नयनसी वर्मा और तत्कालीन पटवारी श्री हाकिम सिंह गुर्जर को भी निलंबित किया गया है।
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश: “गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं”
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लापरवाही या भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि, तालाबों और आमजन के हितों से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का त्वरित संज्ञान लिया जाए और कार्रवाई समयबद्ध रूप से सुनिश्चित हो, ताकि भविष्य में ऐसे प्रकरण दोहराए न जाएं।
पारदर्शी शासन की दिशा में सख्त कदम
राज्य सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुशासन और जवाबदेही उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रशासनिक सुधारों और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में यह कार्रवाई सरकारी भूमि और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।