Saturday, 29 August 2026

आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज की दिव्य देशना में पहुंचे मुख्यमंत्री — कहा, जैन धर्म जीवन जीने की कला सिखाता है; राज्य सरकार जैन तीर्थों के विकास के लिए प्रतिबद्ध


आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज की दिव्य देशना में पहुंचे मुख्यमंत्री — कहा, जैन धर्म जीवन जीने की कला सिखाता है; राज्य सरकार जैन तीर्थों के विकास के लिए प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि परम पूज्य आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज समाज में ज्ञान, करुणा और अहिंसा का दीपक प्रज्ज्वलित कर रहे हैं। उनका जीवन त्याग, तपस्या और मानवता का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म केवल एक आस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है, जिसने मानव जाति को सही मार्ग दिखाया है।

मुख्यमंत्री सांगानेर कैम्प कार्यालय में आयोजित आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज की दिव्य देशना कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा – “जैन धर्म का सार है अहिंसा, सत्य और संतोष”

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों ने समय-समय पर मानवता को मार्गदर्शन दिया है। जैन धर्म का मूल सिद्धांत “अहिंसा परमो धर्म” आज की हिंसक प्रवृत्तियों वाले समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा कि जैन धर्म के पंच महाव्रत – अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह जीवन को संतुलन और शांति प्रदान करते हैं। सच्चा सुख बाहरी वस्तुओं में नहीं, बल्कि आंतरिक संतोष में है।

मुख्यमंत्री को ‘मातृ भू सेवक’ की मानद उपाधि से किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ‘मातृ भू सेवक’ की मानद उपाधि से अलंकृत किया।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने एसएफएस मानसरोवर स्थित श्री आदिनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री ने जैन मुनियों की पदवंदना की और उनके साथ सांगानेर कैम्प कार्यालय तक पैदल यात्रा की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और बैंड वादन से उनका स्वागत किया।

“जैन तीर्थों के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जैन समाज की आस्था स्थलों और तीर्थों के संपूर्ण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि जैन तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सड़क, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

श्रद्धालुओं से अपील – “जैन मुनियों की वाणी को जीवन में उतारें”

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन मुनियों की वाणी केवल प्रवचन नहीं, बल्कि जीवन का मार्गदर्शन है। उन्होंने कहा कि “सच्ची महानता विनम्रता में है, सच्ची शक्ति अहिंसा में और सच्चा सुख त्याग में है।”
मुख्यमंत्री ने आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज के प्रवचनों का श्रवण कर उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

कार्यक्रम में उपस्थित रहे:
आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज, आचार्य शंशाक जी महाराज, सहकारिता राज्यमंत्री गौतम कुमार दक, जयपुर ग्रेटर उप महापौर पुनीत कर्णावत, अन्य जैन मुनि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु।

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