



जयपुर। गीता जयंती के पावन अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज के वैश्विक आह्वान पर ‘जियो गीता’ के तत्वाधान में धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों की श्रृंखला की शुरुआत हो गई है, जो 1 दिसंबर तक आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर गीता परिवार, जयपुर के अध्यक्ष डॉ. आनंद पोद्दार के निर्देशन में सोमवार को गीता गायत्री हवन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इस हवन का संचालन दो नन्हें बच्चों — हनीशा और मंथन बलानी — ने पुरोहित बनकर किया। दोनों बच्चों ने गीता परिवार, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और रोटरी क्लब के सदस्यों के साथ विधि-विधान से हवन संपन्न करवाया।
डॉ. पोद्दार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों में गीता के अध्ययन की प्रेरणा जगाना और समाज में गीता के प्रचार-प्रसार को नए स्तर तक ले जाना है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में इन बच्चों को जयपुर के विभिन्न विद्यालयों में ले जाकर विद्यार्थियों को गीता पाठ और उसके जीवनोपयोगी संदेशों से परिचित कराया जाएगा।
सामूहिक गीता पाठ और गोविंद देवजी दर्शन से बढ़ी आध्यात्मिकता
महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज के आह्वान पर सोमवार को गीता गायत्री मंदिर, जयपुर में सामूहिक गीता पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के बाद श्रद्धालुओं ने गोविंद देवजी मंदिर में दर्शन-पूजन किया और आगामी 1 दिसंबर को आयोजित एक मिनट के सामूहिक गीता पाठ में अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने का आग्रह किया।
इस अवसर पर कई प्रशासनिक अधिकारी, विद्यालयों के प्रधानाचार्य, व्यापारी वर्ग के प्रतिनिधि, और रोटरी क्लब के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर गीता के शाश्वत संदेश—कर्म, निष्ठा और समर्पण—को समाज में फैलाने का संकल्प लिया।
वॉकथॉन और संवाद कार्यक्रम से होगा गीता संदेश का व्यापक प्रचार
डॉ. आनंद पोद्दार ने बताया कि गीता संदेश के प्रसार के उद्देश्य से आने वाले दिनों में राजनीतिक, सामाजिक और प्रबुद्ध व्यक्तियों से संवाद स्थापित किया जाएगा ताकि गीता जागरण के नए प्रयासों को मूर्त रूप दिया जा सके।
इसी श्रृंखला में ‘गीता वॉकथॉन’ का आयोजन भी प्रस्तावित है, जिसमें स्कूली बच्चे और आम नागरिक भाग लेंगे। यह वॉकथॉन एसएमएस स्टेडियम चौराहे से शुरू होकर बिरला मंदिर तक जाएगी। इन आयोजनों का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करना और गीता के सार्वभौमिक संदेश—“कर्मयोग ही जीवन का आधार है” को जन-जन तक पहुंचाना है।