



पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय शुरू किए गए बड़े प्रोजेक्ट—मेडिकल यूनिवर्सिटी, प्रतापनगर, मंडोर, चौपासनी और नवचौकिया के जिला अस्पताल—आज पूरी तरह ठप पड़े हैं। गहलोत ने दावा किया कि करोड़ों- अरबों रुपए की लागत से तैयार हुई कई परियोजनाएं उपेक्षा का शिकार हो रही हैं। सोमवार को जोधपुर सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता कर पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि “जोधपुर में एक जगह जहां कुल 12 डॉक्टर होने चाहिए थे, वहां सिर्फ 2 डॉक्टर हैं। यह हमारी सरकार के कार्यों के प्रति आपराधिक लापरवाही है।”
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि पूर्व सरकार द्वारा विकसित बर्थ पैलेस महामंदिर को सीएचसी में बदलकर जो काम शुरू किया गया था, वहां भी गतिविधियां लगभग बंद पड़ी हैं। उन्होंने गर्ल्स कॉलेज सहित तीन प्रमुख कॉलेजों के भवन निर्माण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इनकी इमारतें आधे से ज्यादा बन चुकी थीं, फॉरेस्ट, रेवेन्यू और कलेक्टर की बैठकों के बाद प्लानिंग कर काम शुरू करवाया था, लेकिन सरकार बदलते ही इन्हें रोक दिया गया।
एलिवेटेड रोड परियोजना पर पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि 2019-20 के बजट में महामंदिर से अखलिया चौराहे तक एलिवेटेड रोड की घोषणा की गई थी। बाद में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से इसे नेशनल हाईवे से जोड़ने का आग्रह किया गया था और टेंडर भी हो गए, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ रहा।
उन्होंने कोटा के रिवर फ्रंट की भी तारीफ करते हुए कहा कि गुजरात का रिवर फ्रंट हमारे कोटा रिवर फ्रंट के सामने कुछ नहीं है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उनकी सरकार ने पूर्व सरकारों के प्रोजेक्ट नहीं रोके थे, लेकिन वर्तमान सरकार ऐसा कर रही है। कांग्रेस में हाल ही में नियुक्त हुए जिलाध्यक्षों पर उन्होंने कहा—“जो 45 जिलाध्यक्ष बने हैं, वे सभी मेरे समर्थक हैं और मैं भी उनका समर्थक हूं। हाईकमान ने बिना दबाव में आए नियुक्तियां की हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने SIR प्रक्रिया पर भी हमला बोला और बीजेपी-चुनाव आयोग की मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार में 65 लाख नाम हटाए गए, लेकिन वहां चुनाव आयोग चुप रहा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में राहुल गांधी द्वारा उठाए मुद्दों के बाद अब यहां SIR प्रक्रिया में सुधार देखने को मिल रहा है और चुनाव आयोग ने अन्य राजनीतिक दलों को भी शामिल करना शुरू किया है।
उन्होंने बिहार में चुनाव से ठीक पहले महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपए डालने को लेकर भी चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर सवाल खड़े किए। सीएम भजनलाल शर्मा के खिलाफ साजिश के सवाल पर उन्होंने कहा कि उस बयान का लाभ मिल गया, उनकी कुर्सी बच गई। एसआई भर्ती मामले पर उन्होंने कहा कि चूंकि मामला कोर्ट में है, इसलिए टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। प्रेस वार्ता में कई कांग्रेस नेता—राजेंद्र सिंह सोलंकी, पूर्व विधायक महेंद्र विश्नोई, मनीषा पंवार, हीरालाल मेघवाल, डॉक्टर राकेश चौधरी, और NSUI नेता बबलू सोलंकी मौजूद रहे।