



मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार पूरे प्रदेश में सुगम और अत्याधुनिक परिवहन तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जयपुर की तेजी से बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव के मद्देनज़र जयपुर मेट्रो का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में जयपुर मेट्रो विस्तार की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि फेज-2 शहरवासियों को बेहतर, सुरक्षित और तेज परिवहन सुविधा प्रदान करेगा।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि जयपुर मेट्रो फेज-2 की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित कर केंद्र सरकार को भेज दी गई है। केंद्र की मंजूरी मिलते ही 42.80 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। फेज-2 के अंतर्गत कुल 36 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें 34 एलिवेटेड और 2 अंडरग्राउंड स्टेशन शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रोजेक्ट की लागत, तकनीकी व्यवहार्यता और वित्तीय संसाधनों का सटीक आकलन किया जाए ताकि जनता को एक मजबूत और टिकाऊ ट्रांजिट सिस्टम मिल सके। उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशनों का चयन भविष्य की जरूरतों, बढ़ते ट्रैफिक और व्यावसायिक गतिविधियों को ध्यान में रखकर किया जाए, ताकि अधिकतम लोगों को सीधे राहत मिले।
फेज-2 का रूट जयपुर के बड़े क्षेत्रों और महत्वपूर्ण स्थलों—सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, वीकेआई, जयपुर एयरपोर्ट, जयपुर रेलवे स्टेशन, गांधी नगर रेलवे स्टेशन, एसएमएस स्टेडियम, एसएमएस हॉस्पिटल, कलेक्ट्रेट, अंबाबाड़ी, विद्याधर नगर, टोंक रोड और सीकर रोड—को आपस में जोड़ेगा। इस विस्तार के बाद जयपुर की बड़ी आबादी को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने के साथ मेट्रो की कनेक्टिविटी शहर के प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों तक पहुंच जाएगी।
बैठक में मेट्रो के फेज-थ्री A, B और C के प्रस्तावित रूट्स पर भी विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि भविष्य में मेट्रो का नेटवर्क जयपुर की दिशा और विकास दर को ध्यान में रखकर और ज्यादा विस्तारित किया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।