



जयपुर। राजस्थान सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एक बड़ी पहल की है। पिछली सरकार में अशोक गहलोत द्वारा लागू मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में 25 लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया था। अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इससे भी आगे बढ़ते हुए बच्चों के लिए मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना के अंतर्गत दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बालक-बालिकाओं को 50 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है। यह राज्य में बाल स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में सबसे बड़ी राहत साबित हो सकती है।
नई योजना के तहत पात्र बच्चों को बड़े अस्पतालों में महंगे उपचार के लिए आर्थिक चिंता नहीं करनी होगी। इसके अतिरिक्त सरकार ने उपचार के दौरान आर्थिक बोझ को कम करने के लिए 5,000 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि देने का भी प्रावधान किया है। यह राशि परिवारों को उपचार अवधि में आने वाले अन्य खर्चों में बड़ी मदद देगी।
सरकार की ओर से बताया गया है कि दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्चे या बच्ची का आवेदन जनाधार नंबर के माध्यम से किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है और इसे ई-मित्र केंद्रों या स्वयं की SSO आईडी से बायोमेट्रिक अथवा ओटीपी वेरिफिकेशन के माध्यम से ऑनलाइन भरा जा सकता है। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में कोई भी बच्चा सिर्फ महंगे इलाज की वजह से जीवन से समझौता न करे।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सरल, सुलभ और व्यापक बनाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। राज्य सरकार आगामी दिनों में इस योजना के और भी विस्तार की संभावना पर काम कर रही है। यह योजना गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनी है।