



देश के अगले मुख्य न्यायाधीश बनने जा रहे जस्टिस सूर्यकांत ने 24 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के 53 वें CJI के रूप में शपथ लेने से पहले बड़ी घोषणा का संकेत दिया है। उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि 1 दिसंबर को वे देश को एक बड़ा सरप्राइज देने वाले हैं, जो सुप्रीम कोर्ट में मामलों की लिस्टिंग प्रणाली से जुड़ा होगा। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था इतनी सुचारु और पारदर्शी होगी कि सभी इसका स्वागत करेंगे।
दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास पर कानूनी पत्रकारों से बातचीत में जस्टिस सूर्यकांत ने बताया कि उनके कार्यकाल का सबसे बड़ा फोकस देशभर की अदालतों में लंबित मामलों की संख्या को तेजी से कम करना होगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित ऐसे मामलों का निपटारा प्राथमिकता से किया जाएगा, जो हाईकोर्ट के अंतिम चरण में थे, लेकिन शीर्ष अदालत में आने के बाद वर्षों से रुके पड़े हैं।
उन्होंने मीडिएशन को ‘गेम चेंजर’ बताते हुए कहा कि प्री-लिटिगेशन और पेंडिंग मामलों को अगर मीडिएशन के माध्यम से सुलझाया जाए तो कोर्ट के ऊपर का बोझ काफी कम हो जाएगा। उनका मानना है कि न्यायालयों का असली लक्ष्य त्वरित और किफायती न्याय सुनिश्चित करना है, और मीडिएशन से यह लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।
जस्टिस सूर्यकांत ने यह भी कहा कि निचली अदालतों से लेकर हाईकोर्ट्स तक, सभी स्तरों पर प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में ठोस काम किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि टेक्नोलॉजी, पारदर्शिता और समयबद्धता आने वाले समय में न्यायिक सुधारों की नींव होंगे। 24 नवंबर को वे CJI पद की शपथ लेंगे और 1 दिसंबर से उनकी नई न्यायिक नीति का अमल शुरू हो सकता है।