



जयपुर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और अव्यवस्था को देखते हुए परिवहन विभाग ने अनियमित और बिना फिटनेस चल रहे ई-रिक्शाओं के विरुद्ध व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। शहर में आरजे-14 सीरीज के करीब 30 हजार ई-रिक्शाओं की फिटनेस समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद विभाग ने ऐसे वाहनों की पहचान और कार्रवाई को तेज कर दिया है।
आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि बिना फिटनेस चल रहे ई-रिक्शा ट्रैफिक सिस्टम पर अतिरिक्त भार डाल रहे हैं और इनके कारण दुर्घटनाओं और जाम की स्थिति बढ़ रही है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद परिवहन विभाग ने ऐसे अनियमित वाहनों पर सख्त एक्शन शुरू किया है।
अब तक 5 हजार ई-रिक्शाओं का पंजीयन निलंबित किया जा चुका है। करीब 20 हजार ई-रिक्शाओं को नोटिस जारी किए गए हैं और बाकी 10 हजार को भी नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 दिसंबर तक फिटनेस नहीं कराने वाले सभी ई-रिक्शाओं का पंजीयन निलंबित कर दिया जाएगा।
आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि फिटनेस पास ई-रिक्शाओं को एक क्यूआर कोड दिया जाएगा जिसे वाहन पर चिपकाना अनिवार्य होगा। अगर कोई ई-रिक्शा बिना क्यूआर कोड के सड़कों पर मिलता है तो सीधा वाहन जब्त कर लिया जाएगा।
हाल ही में हुई ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में भी जयपुर में अनियंत्रित रूप से बढ़ रही ई-रिक्शाओं की संख्या पर चिंता जताई गई थी। इसके बाद विभाग ने यह विशेष अभियान तेज करते हुए अनफिट और अनियमित ई-रिक्शाओं को प्रचलन से बाहर करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। विभाग का लक्ष्य है कि सभी ई-रिक्शा निर्धारित फिटनेस मानकों के तहत संचालित हों, जिससे शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू किया जा सके।