



जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शनिवार देर रात संगठन पुनर्गठन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 45 जिलाध्यक्षों की सूची जारी कर दी। कांग्रेस संगठन के अनुसार राज्य में कुल 50 जिलों में से 45 जिलों के जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई है, जबकि 5 जिलों पर नियुक्ति अभी लंबित है।
घोषित जिलाध्यक्षों में 12 मौजूदा विधायकों को जिलाध्यक्ष का जिम्मा सौंपा गया है, जबकि 5 पूर्व विधायकों को संगठन में फिर से प्रमुख भूमिका दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, यह नियुक्तियां राहुल गांधी के रायशुमारी फॉर्मूले के तहत की गई हैं, जिसमें स्थानीय स्तर पर सर्वसम्मति से नाम तय कर दिल्ली हाईकमान को भेजे गए थे।
विधायक बने जिलाध्यक्षों की सूची:
अजमेर ग्रामीण से विकास चौधरी, बांसवाड़ा में अर्जुन सिंह बामणिया, डीडवाना-कुचामन से जाकिर हुसैन गैसावत, धौलपुर में संजय जाटव, जयपुर ग्रामीण वेस्ट से विद्याधर सिंह चौधरी, डूंगरपुर से गणेश घोघरा, झुंझुनूं से रीटा चौधरी, जोधपुर ग्रामीण से गीता बरवड़, करौली में घनश्याम मेहर, सवाईमाधोपुर में इंद्रा मीणा, श्रीगंगानगर में रूपिंदर सिंह कुन्नर और चूरू में मनोज मेघवाल को जिलाध्यक्ष बनाया गया है।
वहीं, पूर्व विधायकों में अजमेर शहर से राजकुमार जयपाल, जयपुर ग्रामीण पूर्व से गोपाल मीणा, भीलवाड़ा ग्रामीण से रामलाल जाट, कोटपूतली-बहरोड़ से इंद्राज गुर्जर और उदयपुर ग्रामीण से रघुवीर मीणा को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
कांग्रेस ने कई जिलों में नए चेहरों को मौका दिया है, जबकि कुछ स्थानों पर पुराने जिलाध्यक्षों को रिपीट किया गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के गृह जिले सीकर में भी वर्तमान जिलाध्यक्ष को पुनः बरकरार रखा गया है।
सूत्रों ने बताया कि बारां और झालावाड़ जिलों में हाल ही में हुए अंता उपचुनाव के कारण रायशुमारी नहीं हो पाई थी, इसलिए इन दोनों जिलों में जिलाध्यक्षों की घोषणा बाद में की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस पुनर्गठन के जरिए कांग्रेस ने आगामी लोकसभा चुनावों से पहले संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की रणनीति अपनाई है।

