



जयपुर। राज्य सरकार ने शुक्रवार देर रात एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल में 48 IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव मुख्यमंत्री कार्यालय में हुआ, जहां मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) शेखर अग्रवाल को हटाकर उन्हें उद्योग विभाग में भेज दिया गया है। उनकी जगह जलदाय विभाग के ACS अखिल अरोड़ा को मुख्यमंत्री का नया अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय में हुआ यह बदलाव नए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के कार्यभार संभालने के तुरंत बाद हुआ है, जिसे प्रशासनिक दृष्टि से बड़ा संकेत माना जा रहा है। इसे पूर्व मुख्य सचिव सुधांश पंत के केंद्रीय डेपुटेशन पर जाने से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
इस reshuffle में रोडवेज के एमडी पुरुषोत्तम शर्मा का प्रभाव बढ़ाया गया है। उन्हें मौजूदा पद के साथ परिवहन विभाग के आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। यह परिवर्तन राज्य में परिवहन प्रणाली को मजबूत करने और रोडवेज पुनर्गठन से जुड़ी सरकारी प्राथमिकताओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी के एसीएस प्रवीण गुप्ता का कद भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया गया है। उन्हें पीडब्ल्यूडी के साथ-साथ एसीएस पर्यटन, कला एवं संस्कृति, अध्यक्ष RTDC, और सीईओ आमेर विकास प्राधिकरण की अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह विस्तार बताता है कि सरकार पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास को लेकर नए फोकस के साथ आगे बढ़ रही है।
वित्त विभाग के व्यय सचिव नवीन जैन का तबादला कर उन्हें सचिव, GAD, मंत्रिमंडल सचिवालय, प्रोटोकॉल, और आवासीय आयुक्त, दिल्ली के पदों की जिम्मेदारी दी गई है। दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग की सचिव गायत्री राठौड़ को पदोन्नति के बाद अब स्वास्थ्य विभाग + मेडिकल एजुकेशन का प्रमुख सचिव बनाया गया है। यह नियुक्ति स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के बेहतर समन्वय की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव दिनेश कुमार को स्थानांतरित कर उन्हें प्रशासनिक सुधार विभाग में भेजा गया है। उद्योग एवं बीआईपी के प्रमुख सचिव आलोक गुप्ता को हटाकर उन्हें राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। उद्योग विभाग अब नए ACS शेखर अग्रवाल संभालेंगे।
वहीं, पर्यटन एवं कला-संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव राजेश यादव को विभाग से हटाकर DGP, HCM RIPA (राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन) बनाया गया है। इससे उन्हें सचिवालय से बाहर कर प्रशिक्षण संस्थान में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य सरकार का यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल स्पष्ट करता है कि नए मुख्य सचिव के आने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रमुख विभागों में तेज गति से पुनर्संरचना की जा रही है। आने वाले दिनों में इन बदलावों का असर प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सीधे तौर पर दिखने की उम्मीद है।