Saturday, 29 August 2026

राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन 2025 का आगाज: आधुनिक पुलिसिंग में उत्कृष्टता का रोडमैप बनेगा सम्मेलन


राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन 2025 का आगाज: आधुनिक पुलिसिंग में उत्कृष्टता का रोडमैप बनेगा सम्मेलन

जयपुर। राजस्थान पुलिस अकादमी में शुक्रवार का दिन राजस्थान पुलिस के लिए ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, जब ‘उत्कृष्टता के साथ पुलिसिंग—आगे की राह’ विषय पर राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन 2025 का भव्य आयोजन किया गया। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में हुए इस सम्मेलन से ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों के जरिए प्रदेशभर के 600 से अधिक पुलिस अधिकारी जुड़े। पूरे दिन आधुनिक पुलिसिंग की चुनौतियों, तकनीकी नवाचारों, सामाजिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन हुआ।

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण एवं यातायात) अनिल पालीवाल रहे। सत्र के प्रारंभ में महानिदेशक/महानिरीक्षक पुलिस द्वारा सम्मेलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और इसके प्रमुख उद्देश्यों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। इसके बाद राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक संजीव कुमार नार्जारी ने सम्मेलन का परिचय देते हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया।

सत्र के दौरान एसीबी महानिदेशक गोविंद गु्प्ता ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते अपराध स्वरूप के कारण पुलिस के प्रत्येक अधिकारी को दक्षता बढ़ाने और नवाचारों को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने पुलिसिंग में डाटाबेस कन्फर्मेशन और तकनीकी सुधारों पर विशेष जोर दिया।

होमगार्ड्स महानिदेशक एवं कमांडेंट जनरल मालिनी अग्रवाल ने कहा कि एक ही मंच पर सामूहिक चर्चा से अधिकारी विषय-वस्तु में अद्यतन होते हैं। अपराधियों द्वारा तकनीक के दुरुपयोग की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए पुलिस को भी हर क्षेत्र में अपडेट रणनीति अपनानी चाहिए।

मुख्य अतिथिअनिल पालीवाल ने अपने उद्बोधन में श्रीमद्भगवद्गीता के उद्धरण “इच्छति–जानति–करोति” के संदर्भ में कहा कि आधुनिक और पारंपरिक दोनों तरीकों का समन्वय एक मजबूत पुलिसिंग मॉडल का आधार है। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों में संपत्ति अपराध, जालसाजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), चैटGPT, डीपफेक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) से जुड़े अवसरों और खतरों पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने महिलाओं, बच्चों और समाज के कमजोर वर्गों के विरुद्ध अपराधों के प्रभावी निवारण, प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने और समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन में मृत्यु दर कम करने हेतु ठोस रणनीतियों पर भी चर्चा की।

उद्घाटन सत्र का समापन आरपीए के अतिरिक्त निदेशक शंकरदत्त शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। पूरे कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उज्जैनिया ने किया। सम्मेलन का यह पहला दिन पुलिसिंग में उत्कृष्टता, नवाचार और आधुनिक तकनीक आधारित कानून व्यवस्था की ओर मार्ग प्रशस्त करता है।

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